दैनिक खबरनामा 4 मई 2026 हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक नीति में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) तथा छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। अब किसी भी स्वीकृत सब्सिडी, प्रोत्साहन राशि या सरकारी अनुदान के भुगतान में देरी होने पर उद्योग विभाग लाभार्थियों को कुल राशि पर 8 फीसदी वार्षिक ब्याज देगा।नई व्यवस्था के तहत उद्यमियों को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रारंभिक जांच के बाद पात्र आवेदकों को प्रोत्साहन राशि का 50 फीसदी हिस्सा सात कार्य दिवसों के भीतर जारी कर दिया जाएगा, जबकि शेष 50 फीसदी राशि विस्तृत जांच के बाद 45 कार्य दिवसों में दी जाएगी। तय समयसीमा से देरी होने पर स्वतः ब्याज का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए “स्मॉल ट्रेडर्स एंड MSME इंश्योरेंस स्कीम” लागू की जाएगी। यह योजना व्यापारियों को किफायती बीमा सुरक्षा प्रदान करेगी और बड़े वित्तीय जोखिम से बचाने में मदद करेगी।पहले जहां भुगतान में देरी पर ब्याज या समयबद्ध निपटान की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी, वहीं नई नीति में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।राज्य में MSME क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। 2004 से 2014 के बीच जहां लगभग 33 हजार इकाइयां दर्ज थीं, वहीं औद्योगिक रोजगार 2018-19 के 10.16 लाख से बढ़कर 2023-24 में 11.91 लाख तक पहुंच गया है। देश के MSME इकोसिस्टम में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 9-10 फीसदी है।