दैनिक खबरनामा। मोहाली, 30 मई : पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने मोहाली नगर निगम चुनावों की प्रक्रिया, विशेषकर मतगणना के दौरान कथित रूप से हुई अनियमितताओं को लोकतंत्र पर गंभीर हमला बताते हुए राज्य चुनाव आयोग से वार्ड नंबर 23 के पोलिंग बूथ नंबर 93, वार्ड नंबर 2 के बूथ नंबर 7 तथा वार्ड नंबर 4 के बूथ नंबर 17 पर चुनाव रद्द कर पुनर्मतदान कराने की मांग की है।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिद्धू ने आरोप लगाया कि उक्त बूथों पर मतदान और मतगणना के दौरान गंभीर खामियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि बैलेट बॉक्स से निकली कई मतपत्रों के साथ काउंटरफॉइल (रसीद वाला हिस्सा) भी जुड़ा हुआ मिला, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है और फर्जी मतदान की आशंकाओं को जन्म देता है।
सिद्धू ने बताया कि कई काउंटरफॉइलों पर मतदाताओं के हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान भी मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार यह स्थिति चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक बनाती है।
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को छोड़कर अन्य सभी उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए मतगणना रोकने और परिणाम घोषित न करने की मांग की थी। इसके बावजूद मतगणना जारी रखी गई और कथित रूप से रसीद वाले हिस्सों को मतपत्रों से अलग कर गिनती करने के निर्देश दिए गए। सिद्धू ने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हुआ है।
कांग्रेस नेता ने राज्य चुनाव आयोग से मांग की कि संबंधित बूथों पर चुनाव रद्द कर पुनर्मतदान कराया जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यह पता लगाया जाए कि कथित अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने किस आधार पर मतगणना जारी रखने और परिणाम घोषित करने की अनुमति दी।
सिद्धू ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के शुरुआती चरण से ही विपक्षी उम्मीदवारों को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर नामांकन दाखिल करने में बाधाएं उत्पन्न की गईं, अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में देरी की गई तथा बिना उचित कारण कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के दावे इन घटनाओं के मद्देनजर खोखले साबित हुए हैं। उनके अनुसार कई स्थानों पर कथित फर्जी मतदान और प्रशासनिक हस्तक्षेप के माध्यम से चुनाव परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है।
बलबीर सिंह सिद्धू ने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इस अवसर पर हरविंदर सिंह धारीवाल (वार्ड नंबर 2 उम्मीदवार, फेज-6), कुलदीप चंद (सेक्टर-66), रघबीर सिंह (फेज-1), अशोक कोंडल (पूर्व पार्षद), लखबीर सिंह, करमजीत सिंह सिद्धू तथा सतविंदर सिंह ग्रेवाल भी उपस्थित रहे।