राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पंजाब के शीर्ष स्थान का जश्न, 19 हजार से अधिक स्कूलों में हुए विशेष कार्यक्रम
दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 30 मई : राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पंजाब को देशभर में प्रथम स्थान मिलने की उपलब्धि का जश्न शुक्रवार को पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन (पीटीएम) का आयोजन किया, जिसमें 20 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह विशेष आयोजन नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट-2026 में पंजाब को शीर्ष स्थान मिलने के उपलक्ष्य में किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के विभिन्न मानकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, इंग्लिश एज कार्यक्रम में उपलब्धि हासिल करने वाले छात्रों तथा जेईई परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मान पत्र प्रदान किए गए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य से आयोजित मेगा पीटीएम और अभिभावक कार्यशालाओं में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों की पढ़ाई जारी रखने, गृहकार्य के प्रभावी प्रबंधन तथा सकारात्मक दिनचर्या विकसित करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया था। वहीं स्कूल प्रबंधन समितियों और सहयोगी कर्मचारियों ने अभिभावकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने में अहम योगदान दिया।
हरजोत सिंह बैंस ने इस उपलब्धि को ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ का ऐतिहासिक पड़ाव बताते हुए कहा कि यह केवल सरकार की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की साझा सफलता है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सर्वोत्तम माध्यम बन सकते हैं और अब सरकारी स्कूल प्रदेश के लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं।