दैनिक खबरनामा। श्रीनगर 31 मई : जम्मू-कश्मीर में नशे के कारोबार और उससे जुड़े आतंक समर्थक नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को पचास दिन पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए एक हजार से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है तथा बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की पहल पर शुरू किए गए नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत प्रशासन ने एक ओर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया है, वहीं दूसरी ओर नशे की तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया गया है।
पुलिस के अनुसार, अप्रैल के मध्य से मई के अंतिम सप्ताह तक मादक पदार्थों से जुड़े सैकड़ों मामले दर्ज किए गए और एक हजार से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ और नशीली गोलियां भी जब्त की गईं।
तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां जब्त की गईं, जबकि कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की आर्थिक शक्ति को कमजोर करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रशासन का मानना है कि नशे का कारोबार केवल सामाजिक समस्या नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है। इसी कारण नशा तस्करी और उससे जुड़े आतंक समर्थक तंत्र पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दवा विक्रेताओं के विरुद्ध भी कदम उठाए गए। कई अनुज्ञापत्र निलंबित किए गए तथा कुछ रद्द भी कर दिए गए। इसके अतिरिक्त अनेक वाहन और चालक अनुमति पत्रों पर भी दंडात्मक कार्रवाई की गई।
जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से गांवों, कस्बों और शहरों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। लाखों नागरिक इन कार्यक्रमों से जुड़े और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं को भी मजबूत बनाया गया है। विभिन्न नशा मुक्ति केंद्रों में हजारों लोगों का उपचार किया गया, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। कई मरीज उपचार के बाद सामान्य जीवन में लौटने में सफल रहे हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विभिन्न जिलों में जनजागरण यात्राओं का नेतृत्व करते हुए लोगों से नशे के खिलाफ सामूहिक संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश से नशे के कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए दवा दुकानों, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों का व्यापक निरीक्षण कराया है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी उपकरण भी लगाए गए हैं ताकि नशे की आपूर्ति श्रृंखला को जड़ से समाप्त किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर आगे भी अभियान को और तेज किया जाएगा तथा नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।