दैनिक खबरनामा 25 जुलाई नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजते हुए कहा कि यह निर्णय देश के युवाओं के भविष्य, राष्ट्रीय एकता और मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम ने उन्हें गहराई से व्यथित किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके व्यक्तिगत सम्मान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, जंतर-मंतर और देशभर में बने हालात का राष्ट्र-विरोधी ताकतें लाभ न उठा सकें, देश की एकता प्रभावित न हो और विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंपने का फैसला किया।
पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने उल्लेख किया कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं का पता चलने के बाद भारत सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी, परीक्षा रद्द की और नई परीक्षा तिथि घोषित की। साथ ही, अगले वर्ष से परीक्षा को सीबीटी (Computer-Based-Test) मोड में आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। उन्होंने बताया कि 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ‘Whole of Government Approach’ के तहत 21 जून 2026 को परीक्षा दोबारा कराई गई, जबकि इसके परिणाम 16 जुलाई को घोषित किए गए।
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी उससे पीछे नहीं हटे। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा माफिया की गतिविधियों के कारण किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
पत्र के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभु श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से वह भविष्य में भी देश और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।