दैनिक खबरनामा। जम्मू, 3 जून : पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर देशभर के शिव भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालु तैयारियों में जुट गए हैं। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) तक कुल 57 दिनों तक चलेगी। विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
इस बीच अमरनाथ यात्रा प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सुरक्षा कारणों के चलते इस बार यात्रा मार्ग को नो-फ्लाइंग ज़ोन घोषित किया गया है, जिसके चलते हेलीकॉप्टर सेवा पूरी तरह से बंद रहेगी।
अब तक श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल मार्गों से पैदल यात्रा के अलावा घोड़े, पालकी तथा हेलीकॉप्टर के माध्यम से पंचतरणी तक पहुंचते थे। हालांकि, इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हवाई सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु अब केवल पैदल, घोड़े या पालकी के माध्यम से ही यात्रा कर सकेंगे। यात्रा के दौरान भक्तों को 14 किलोमीटर से लेकर 43 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ सकती है।
यात्रा से संबंधित नियमों के तहत 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इस तीर्थयात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान नियमों का पालन करने की अपील की है। यात्रियों को अपना यात्रा परमिट साथ रखने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई है। साथ ही कचरा न फैलाने और पूरी श्रद्धा, सेवा तथा अनुशासन के साथ यात्रा करने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन ने कहा कि श्रद्धालु सुरक्षित एवं सफल अमरनाथ यात्रा के लिए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और बाबा बर्फानी के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करें।