दैनिक खबरनामा।जम्मू, 4 जून 2026: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद जम्मू में भी होटलों और रेस्तरां की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेष रूप से पुराने शहर की संकरी गलियों में संचालित होटल, लॉज और रेस्तरां सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर लोगों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जम्मू जिले में पंजीकृत 301 होटलों में से 254 होटल और लॉज श्रेणी के हैं। इनमें लगभग 218 होटल एवं लॉज ज्यूल चौक, रेजीडेंसी रोड, गुम्मट, प्रेम नगर, तालाब खटिकां और गुज्जर नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। अधिकांश प्रतिष्ठान तंग गलियों में बने हुए हैं, जहां किसी भी आपात स्थिति में अग्निशमन वाहनों का पहुंचना बेहद कठिन है।
बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में संचालित हो रहे रेस्तरां
इनमें से अधिकांश होटल और लॉज के बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर में रेस्तरां संचालित किए जा रहे हैं। कई भवनों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता उपलब्ध है, जिससे आग लगने जैसी स्थिति में लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की संभावना कम हो जाती है। हालांकि औपचारिक रूप से अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं, लेकिन बड़े हादसे की स्थिति में ये व्यवस्थाएं अपर्याप्त साबित हो सकती हैं।
13 में से केवल एक हाइड्रेंट चालू
पुराने शहर में 1960 के दशक में 13 स्थानों पर फायर हाइड्रेंट लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान में इनमें से केवल एक ही कार्यशील है। मुबारक मंडी, कच्ची छावनी, ज्यूल चौक, रेजीडेंसी रोड और परेड सहित कई इलाकों में स्थापित हाइड्रेंट सड़क निर्माण और विभागीय समन्वय की कमी के कारण जमीन के नीचे दब चुके हैं। फिलहाल नागरिक सचिवालय परिसर में स्थित एकमात्र हाइड्रेंट ही चालू अवस्था में है। हाल ही में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रेजीडेंसी रोड पर कुछ नए हाइड्रेंट स्थापित किए गए हैं।
सुरक्षा मानकों का नहीं हो रहा पालन
नियमों के अनुसार किसी भी होटल या गेस्ट हाउस में कम से कम 40 हजार लीटर क्षमता का जल भंडारण टैंक और 5 हजार लीटर का टैरेस टैंक होना अनिवार्य है। इसके अलावा प्रत्येक मंजिल पर होज रील, पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र और हाइड्रेंट से जुड़ने वाली अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। हालांकि, कई प्रतिष्ठानों में इन मानकों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है।
प्रशासन के लिए चेतावनी
दिल्ली के दर्दनाक होटल अग्निकांड ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी घातक साबित हो सकती है। जम्मू के पुराने शहर में स्थित होटलों और रेस्तरां की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन को समय रहते व्यापक सुरक्षा ऑडिट और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।