दैनिक खबरनामा : 28 जुलाई (वाशिंगटन) : अमेरिका में आव्रजन नियमों को लेकर सख्ती के बीच लाखों लंबे समय से रह रहे अप्रवासियों को राहत देने की दिशा में एक नया प्रयास किया गया है। कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पैडिला ने ऐसा विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य इमिग्रेशन व्यवस्था को आधुनिक बनाते हुए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) का रास्ता आसान करना है। प्रस्तावित कानून का लाभ H-1B वीजा धारकों समेत बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को मिल सकता है, जो वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं।
सीनेटर पैडिला ने कहा कि उनका प्रस्ताव उस इमिग्रेशन प्रावधान में बदलाव करेगा, जिसे वर्ष 1986 के बाद से अपडेट नहीं किया गया है। उनके कार्यालय के अनुसार, इस बदलाव से आठ मिलियन से अधिक लोगों को फायदा मिलने की संभावना है।
सात साल के लगातार निवास की होगी शर्त
प्रस्ताव के अनुसार, 1929 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत मौजूद ‘रजिस्ट्री’ प्रावधान में संशोधन कर ऐसे लोगों को कानूनी स्थायी निवास के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा, जो आवेदन से पहले कम से कम सात वर्ष तक लगातार अमेरिका में रह चुके हों। इसके अलावा आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसे ग्रीन कार्ड से जुड़ी अन्य सभी मौजूदा पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।
कई वर्गों को मिलेगा लाभ
यह विधेयक ड्रीमर्स, टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारकों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों तथा लंबे समय से विभिन्न वीजा पर रह रहे लोगों के बच्चों को भी दायरे में लाएगा। साथ ही, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे H-1B वीजाधारकों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय पेशेवरों के लिए अहम प्रस्ताव
इस विधेयक का विशेष महत्व भारतीय पेशेवरों के लिए माना जा रहा है। H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू कंट्री कैप के कारण भारतीय आवेदकों को अक्सर स्थायी निवास के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है।
ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर साधा निशाना
सीनेटर एलेक्स पैडिला ने कहा कि उन्होंने यह विधेयक एक वर्ष पहले भी ट्रंप प्रशासन की कठोर आव्रजन नीतियों के विरोध में पेश किया था। उनका कहना है कि तब से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में डर और अनिश्चितता का माहौल और बढ़ा है, जिससे लंबे समय से अमेरिका में रह रहे परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब उन लाखों लोगों की अनदेखी नहीं कर सकती, जो वर्षों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान दे रहे हैं। उनके अनुसार, समय आ गया है कि आव्रजन कानूनों को आधुनिक बनाकर स्थायी निवास के लिए एक निष्पक्ष और व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए।
‘रजिस्ट्री’ प्रावधान में होगा बदलाव
प्रस्तावित कानून इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 249, जिसे ‘रजिस्ट्री’ कहा जाता है, में संशोधन करेगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत गृह सुरक्षा सचिव पात्र लोगों को ग्रीन कार्ड देने का अधिकार रखते हैं। फिलहाल इसकी पात्रता कटऑफ 1 जनवरी 1972निर्धारित है।
पैडिला के विधेयक में इस निश्चित तारीख को हटाकर सात वर्ष के लगातार निवास की रोलिंग पात्रता लागू करने का प्रस्ताव है। कानून बनने के 60 दिन बाद यह व्यवस्था प्रभावी होगी।
कांग्रेस में कई सांसदों और संगठनों का समर्थन
इस पहल का सह-नेतृत्व सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन कर रहे हैं। इसके अलावा 14 अन्य सीनेटर भी सह-प्रायोजक के रूप में इस विधेयक से जुड़े हैं। प्रतिनिधि सभा में कैलिफोर्निया की सांसद जो लोफग्रेन इसी विषय से संबंधित समान विधेयक का नेतृत्व कर रही हैं।
इस प्रस्ताव को 30 से अधिक श्रमिक, आव्रजन और नागरिक अधिकार संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इनमें एएफएल-सीआईओ (AFL-CIO), सर्विस एम्प्लॉइज इंटरनेशनल यूनियन (SEIU), यूनाइट हियर (UNITE HERE), यूनाइटेड फार्म वर्कर्स और नेशनल इमिग्रेशन लॉ सेंटर जैसे प्रमुख संगठन शामिल हैं।
1986 के बाद पहली बार बड़े बदलाव की पहल
अमेरिकी कांग्रेस ने 1929 में पहली बार ‘रजिस्ट्री’ प्रावधान लागू किया था और अब तक इसमें चार बार संशोधन हो चुका है। इसका सबसे हालिया संशोधन 1986 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के कार्यकाल के दौरान किया गया था।
सीनेटर पैडिला के कार्यालय के अनुसार, 2015 से 2019 के बीच इस प्रावधान के तहत केवल 305 लोगों को अपनी आव्रजन स्थिति बदलकर ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की अनुमति मिली थी।
हालांकि, इमिग्रेशन को लेकर अमेरिकी राजनीति में गहरे मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस से इस विधेयक को मंजूरी मिलना अभी भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। पैडिला ने इसके साथ ऐसे अन्य प्रस्ताव भी पेश किए हैं, जिनका उद्देश्य आवश्यक इमिग्रेंट वर्कर्स और वर्क वीजा धारकों के आश्रित बच्चों को राहत प्रदान करना है।