दैनिक खबरनामा 28 जुलाई नई दिल्ली : नीट-यूजी (NEET-UG) विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर जारी तनाव के बीच सोमवार देर रात केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब दो से तीन घंटे चली इस बैठक में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने को लेकर अहम सहमति बनी। सीजेपी का कहना है कि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
पार्टी के अनुसार, सरकार ने बिहार और असम में दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया है कि भाजपा और एनडीए शासित अन्य राज्यों में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त करने और हिरासत में लिए गए युवाओं को रिहा करने के लिए जल्द आधिकारिक अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी।
सीजेपी के अल्टीमेटम के बाद हुई रातभर चर्चा
इस बैठक से कुछ घंटे पहले सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर पहले हुए समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाया था और देशव्यापी आंदोलन फिर से शुरू करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद देर रात सरकार के प्रतिनिधियों ने सीजेपी नेताओं के साथ विस्तृत बातचीत की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि बैठक के दौरान छात्रों और युवाओं की कानूनी सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार और असम गृह विभाग की आधिकारिक अधिसूचनाओं की प्रतियां भी साझा कीं, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस लेने, भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई न करने और गिरफ्तार लोगों को तत्काल रिहा करने की बात दर्ज है।
राजस्थान को लेकर भी सरकार ने दिया भरोसा
बैठक में राजस्थान की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सौरव दास के अनुसार, सरकार ने आश्वासन दिया कि राजस्थान में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करेगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि वहां अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और आगे भी ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सीजेपी नेताओं ने बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं और उन्हें लिखित गारंटी चाहिए। इस पर सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार तथा भाजपा और एनडीए शासित अन्य राज्यों की ओर से भी समान भाषा में आधिकारिक अधिसूचनाएं जल्द जारी की जाएंगी, ताकि किसी भी प्रदर्शनकारी युवा को कानूनी परेशानियों का सामना न करना पड़े।