दैनिक खबरनामा। श्रीनगर, 9 जून: कश्मीर घाटी के सेब उत्पादकों के लिए राहत भरी खबर है। अब सेब के बागानों को भी बीमा कवर के दायरे में लाया जाएगा, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई में बागवानों को दोहरा सहारा मिलेगा। बागवानी निदेशक कश्मीर विकास आनंद ने कुलगाम में हालिया ओलावृष्टि से प्रभावित बागानों का दौरा करने के दौरान यह महत्वपूर्ण घोषणा की।
हाल ही में हुई ओलावृष्टि से घाटी के कई इलाकों में सेब समेत अन्य बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों में पैदावार और आय को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब बीमा सुविधा मिलने से बागवानों को मौसम जनित जोखिमों से बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।
अब तक बीमा योजनाओं का लाभ मुख्य रूप से कृषि फसलों तक सीमित था, लेकिन सेब के बागानों को इसमें शामिल किए जाने से हजारों बागवानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद है। बागवानी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आजीविका का प्रमुख आधार माना जाता है।
प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे के लिए विभागीय टीमें तैनात
दौरे के दौरान निदेशक विकास आनंद ने प्रभावित बागानों का निरीक्षण किया और नुकसान के आकलन में जुटे अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग की टीमें सभी प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण कर रही हैं। यह सर्वे राजस्व विभाग के सहयोग से किया जा रहा है ताकि नुकसान का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों के लिए राहत उपाय तय किए जाएंगे और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के निर्धारित मानकों के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विकास आनंद ने कहा कि सरकार ओलावृष्टि से प्रभावित बागवानों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नुकसान के आकलन की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरी की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेब की फसल के लिए बीमा कवर की यह पहल कश्मीर के बागवानी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी।