दैनिक खबरनामा। शिमला, 11 जून: हिमाचल प्रदेश में सड़क अवसंरचना को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों के बेहतर रखरखाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब राज्य के तीन और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दी गई है। इससे पहले इन मार्गों का रखरखाव हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन था।
एनएचएआई के इस फैसले से सड़कों की गुणवत्ता में सुधार, यातायात संचालन में सुगमता और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्रदेश में पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
यात्रियों को मिलेगा बेहतर सफर का अनुभव
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, प्राधिकरण राज्यवासियों और पर्यटकों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नए राजमार्गों के अधिग्रहण के बाद इनके रखरखाव और विकास कार्यों में तेजी आएगी, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनेगी।
NHAI के अधीन आए ये तीन राष्ट्रीय राजमार्ग
1. एनएच-503 (पंजाब-हिमाचल सीमा से रानीताल तक)
यह राजमार्ग ऊना, अंब और मुबारकपुर से होकर गुजरता है। इसकी कुल लंबाई लगभग 99 किलोमीटर है। इस मार्ग को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
2. एनएच-154ए (पठानकोट-भरमौर मार्ग)
करीब 172 किलोमीटर लंबा यह महत्वपूर्ण राजमार्ग चंबा जिले को पंजाब से जोड़ता है। पहाड़ी क्षेत्रों के लिए यह मार्ग जीवनरेखा माना जाता है।
3. एनएच-907 (पांवटा साहिब से पंजाब सीमा तक)
लगभग 7 किलोमीटर लंबा यह छोटा लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग हिमाचल और पंजाब के बीच संपर्क को मजबूत करता है।
पहले से इन प्रमुख फोरलेन परियोजनाओं का संचालन कर रहा है NHAI
गौरतलब है कि एनएचएआई पहले से ही हिमाचल प्रदेश की कई महत्वपूर्ण फोरलेन परियोजनाओं का संचालन और रखरखाव कर रहा है। इनमें परवाणू-शिमला फोरलेन, पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन, कीरतपुर-मनाली फोरलेन, शिमला-मटौर फोरलेन और पठानकोट-मंडी फोरलेन शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तीन नए राष्ट्रीय राजमार्गों के एनएचएआई के अधीन आने से सड़कों की स्थिति में सुधार होगा, यात्रा समय घटेगा और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।