दैनिक खबरनामा | घनौर, 29 जुलाई 2026. पंजाब सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए घनौर विधानसभा क्षेत्र के 42 गांवों तक लिफ्ट सिस्टम के माध्यम से नहरी पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को शुरू कर दिया है। 26.73 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन परियोजनाओं का उद्घाटन पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल और विधायक गुरलाल घनौर ने गांव कोल्हेमाजरा में किया। इस पहल से क्षेत्र की 16,932 एकड़ कृषि भूमि को नहरी सिंचाई का लाभ मिलेगा।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने भूजल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए व्यर्थ बहने वाले नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से नहरी पानी की मांग कर रहे किसानों का सपना अब साकार हुआ है और इससे खेती के लिए भूमिगत जल पर निर्भरता कम होगी।
मंत्री ने बताया कि विधायक गुरलाल घनौर के प्रयासों से 22.23 करोड़ रुपये की लागत से वाटर लिफ्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। इस परियोजना के तहत 36.39 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे 38 गांवों की 15,129 एकड़ भूमि पहली बार नहरी सिंचाई के दायरे में आई है।
इसके अलावा घड़ाम रजबाहा के 2.44 किलोमीटर लंबे हिस्से को 4.50 करोड़ रुपये की लागत से पक्का किया गया है। इस कार्य से चार गांवों की 1,803 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए नियमित नहरी पानी उपलब्ध होगा।
बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार केवल सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ से बचाव के लिए भी बड़े स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं पर 450 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि केवल घनौर क्षेत्र में घग्गर नदी से होने वाले संभावित नुकसान को रोकने के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है।
विधायक गुरलाल घनौर ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने घनौर विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए हैं। उन्होंने कहा कि लिफ्ट सिस्टम आधारित नहरी सिंचाई परियोजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे सिंचाई की लागत कम होगी और भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के किसानों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी दशकों पुरानी मांग अब पूरी हुई है। किसानों ने उम्मीद जताई कि नहरी पानी की नियमित उपलब्धता से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर सिंचाई विभाग, ट्यूबवेल निगम तथा जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।