दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 12 जून: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में शराब कारोबार ने इस वर्ष नया रिकॉर्ड कायम किया है। आबकारी नीति 2026-27 के तहत सभी 97 खुदरा शराब ठेकों की सफलतापूर्वक नीलामी कर दी गई है। पिछले एक दशक में यह पहला अवसर है जब सभी ठेके पूरी तरह आवंटित हुए हैं। इससे प्रशासन को अब तक का सर्वाधिक आबकारी राजस्व मिलने की उम्मीद है।
आबकारी विभाग के अनुसार, 453.05 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) के मुकाबले कुल 563.78 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुई हैं। इस प्रकार प्रशासन को रिजर्व प्राइस से 110.73 करोड़ रुपये अधिक राजस्व हासिल हुआ है, जो लगभग 24.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
प्रशासन ने इस उपलब्धि को अपनी पारदर्शी और प्रगतिशील आबकारी नीति पर व्यापारियों के बढ़ते भरोसे का परिणाम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से संपन्न की गई, जिससे अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हुई और राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, आबकारी नीति 2026-27 की शुरुआत भी उत्साहजनक रही है। विभाग ने 31 मई 2026 तक 1,000 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 199.78 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर लिया है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 20 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष के शुरुआती दो महीनों में हासिल यह उपलब्धि प्रभावी नीतियों, मजबूत प्रवर्तन तंत्र और बेहतर राजस्व वसूली व्यवस्था का परिणाम मानी जा रही है।
प्रशासन का मानना है कि सभी ठेकों की सफल नीलामी से चंडीगढ़ की राजस्व स्थिति और मजबूत होगी। इससे विकास कार्यों और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को गति मिलने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए जिम्मेदार व्यापार, नियामकीय अनुपालन और पारदर्शिता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
मुख्य आंकड़े
97 में से सभी 97 शराब ठेके हुए आवंटित
453.05 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले 563.78 करोड़ रुपये की बोली
110.73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय
रिजर्व प्राइस से 24.44 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त
31 मई तक 199.78 करोड़ रुपये की आबकारी वसूली
1,000 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य की मजबूत शुरुआत