दैनिक खबरनामा ब्यूरो। वॉशिंगटन, 13 जून: अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन अगले सप्ताह फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान किसी अंतिम व्यापार समझौते की घोषणा होने की संभावना नहीं है। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर जी7 नेताओं के सम्मेलन के बाद भारत की यात्रा करेंगे। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत जारी रहेगी और भविष्य में किसी समझौते तक पहुंचा जा सकता है।
फ्रांस के एवियन-ले-बैंस शहर में 15 से 17 जून तक आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात प्रस्तावित है। इस बैठक में व्यापार प्रमुख मुद्दों में से एक रहेगा, लेकिन किसी व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद नहीं है।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हम जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी भारत की वैश्विक भूमिका और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर काफी महत्वाकांक्षी हैं। हमारा मानना है कि संभावित व्यापार समझौता इस संबंध का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी समझौते में अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देते हुए “बहुत अच्छा समझौता” सुनिश्चित करना चाहेंगे। अधिकारी ने कहा, “हमें लगता है कि एक अच्छा समझौता संभव है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि जी7 सम्मेलन के दौरान इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।”
हाल के महीनों में नई दिल्ली और वॉशिंगटन के संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला था। अमेरिकी टैरिफ़ और राष्ट्रपति ट्रंप के वे दावे, जिनमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले वर्ष हुए संक्षिप्त संघर्ष को समाप्त कराने में अपनी भूमिका बताई थी, दोनों देशों के बीच मतभेद का कारण बने। भारत ने इन दावों को खारिज किया है।
हालांकि, पिछले कुछ सप्ताहों में दोनों देशों के संबंधों में सुधार के संकेत मिले हैं। भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह कहा था कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को जुलाई के मध्य तक अंतिम रूप दिया जा सकता है। भारत अंतरिम व्यापार समझौते के तहत विशेष टैरिफ़ रियायतों की मांग कर रहा है।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप और मोदी की मुलाकात व्यापार वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा करने का अच्छा अवसर होगी, लेकिन किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए आगे और तकनीकी स्तर की चर्चाओं की आवश्यकता पड़ सकती है।
इस बीच अधिकारी ने बताया कि कनाडा ने भी व्यापार संबंधी अतिरिक्त वार्ताओं के लिए अमेरिका से संपर्क किया है। अमेरिका ने हाल ही में कनाडा द्वारा कुछ प्रस्तावित व्यापारिक प्रतिबंधों को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया है, जिनका असर अमेरिकी स्ट्रीमिंग कंपनियों पर पड़ सकता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता सफलतापूर्वक संपन्न होता है, तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान कर सकता है और वैश्विक व्यापार पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।