दैनिक खबरनामा । नई दिल्ली, 17 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को घोषणा की कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
भारत-ब्रिटेन एफटीए, जिसे आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) कहा जाता है, लगभग तीन वर्षों तक चली वार्ताओं के बाद पिछले वर्ष जुलाई में हस्ताक्षरित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों, श्रमिकों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समझौते के तहत ब्रिटेन ने इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, खिलौने, रत्न एवं आभूषण सहित कई भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त करने का निर्णय लिया है। इससे भारतीय कंपनियों की ब्रिटिश बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेष रूप से श्रम-आधारित उद्योगों को इस समझौते से उल्लेखनीय लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इन क्षेत्रों पर पहले 8 से 20 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जाता था। शुल्क समाप्त होने से भारतीय उत्पाद ब्रिटेन में अधिक किफायती और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
कपड़ा, परिधान और चमड़ा उद्योग को भी इस समझौते से विशेष फायदा होने जा रहा है। टेक्सटाइल और गारमेंट उत्पादों पर शुल्क खत्म होने से भारतीय निर्यातकों को बड़ा बाजार मिलेगा, जबकि चमड़ा उत्पादों पर 16 प्रतिशत तक शुल्क में कटौती से इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक-दो वर्षों में भारत ब्रिटेन के चमड़ा बाजार में अपनी हिस्सेदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकता है। इसके अलावा निर्यात में वृद्धि से देश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।