दैनिक खबरनामा । नई दिल्ली, 19 जून : देश में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को लगातार बढ़ा रही है। इसी दिशा में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद E20 पेट्रोल को लेकर नई बहस छिड़ गई। वीडियो में एक वाहन के फ्यूल फिलर कैप के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां दिखाई देने पर दावा किया गया कि E20 पेट्रोल चींटियों को आकर्षित करता है। अब इस दावे पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे पूरी तरह भ्रामक बताया है।

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में एक कार के फ्यूल फिलर कैप के पास बड़ी संख्या में चींटियां नजर आ रही थीं। वहीं E20 का स्टिकर भी दिखाई दे रहा था। इसके बाद कई लोगों ने यह मान लिया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में मौजूद तत्व चींटियों को आकर्षित करते हैं और यह दावा तेजी से वायरल हो गया।

BPCL ने बताया दावा क्यों है गलत

BPCL ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल और चींटियों के जमावड़े के बीच किसी प्रकार का वैज्ञानिक संबंध नहीं है। कंपनी के अनुसार, पेट्रोल में मिलाया जाने वाला फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल विशेष औद्योगिक प्रक्रिया के तहत तैयार किया जाता है। किण्वन और आसवन जैसी प्रक्रियाओं के दौरान इसमें मौजूद शर्करा पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

कंपनी ने बताया कि एथेनॉल में डिनैचुरेंट्स भी मिलाए जाते हैं, जिनका उद्देश्य इसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त बनाना और कीट-पतंगों को दूर रखना होता है। इसलिए इसमें ऐसा कोई तत्व मौजूद नहीं रहता जो चींटियों को आकर्षित कर सके।

पेट्रोल की गंध रहती है प्रभावी

BPCL के अनुसार, E20 पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रित होने के बावजूद पेट्रोल की हाइड्रोकार्बन आधारित गंध प्रमुख बनी रहती है। एथेनॉल की हल्की गंध इसके सामने प्रभावी नहीं होती। ऐसे में किसी भी कीट के लिए E20 पेट्रोल आकर्षण का कारण नहीं बनता।

कंपनी ने यह भी कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में सामान्य पेट्रोल की तुलना में वाष्पीकरण कम होता है, जिससे वातावरण में ऐसे तत्वों की मौजूदगी और घट जाती है जो किसी कीट को आकर्षित कर सकें। BPCL ने साफ तौर पर कहा कि E20 पेट्रोल चींटियों को आकर्षित करता है, इस दावे का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल, 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है। एथेनॉल एक जैव ईंधन (बायोफ्यूल) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराना और वाहन प्रदूषण में कमी लाना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि E20 पेट्रोल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों पर विश्वास करने के बजाय उपभोक्ताओं को केवल आधिकारिक और वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

EV सेगमेंट में बढ़ी ग्राहकों की दिलचस्पी, टाटा मोटर्स 50% तक बढ़ाएगी उत्पादन क्षमता

दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 31 मई : देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV)…
Share to :

महंगे पेट्रोल से मिलेगी राहत! मारुति की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार इस हफ्ते दे सकती है दस्तक

दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 2 जून : देश में बढ़ती पेट्रोल…
Share to :

Curved Dual Display और Advanced ADAS के साथ आ सकती है नई Hyundai i20, डिजाइन और टेक्नोलॉजी में होंगे बड़े बदलाव

दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 31 मई : भारतीय प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में…
Share to :

पेट्रोल खर्च से मिलेगी राहत! हीरो मोटोकॉर्प 3 जून को लॉन्च करेगी अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिल

दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 2 जून : देश की सबसे बड़ी…
Share to :