दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 31 मई : देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग को देखते हुए टाटा मोटर्स अपने इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। कंपनी आने वाले महीनों में अपनी मौजूदा EV उत्पादन क्षमता को लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है, जिससे ग्राहकों को वाहनों की तेज डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
कंपनी के यात्री वाहन व्यवसाय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में टाटा मोटर्स हर महीने लगभग 10,000 इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति कर रही है। बढ़ती मांग और बुकिंग को देखते हुए इस क्षमता को बढ़ाकर करीब 15,000 यूनिट प्रति माह करने की योजना बनाई गई है। हाल के महीनों में EV बुकिंग में दर्ज की गई उल्लेखनीय वृद्धि ने कंपनी को उत्पादन विस्तार की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।
ईंधन लागत को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारतीय उपभोक्ताओं की वाहन खरीद संबंधी प्राथमिकताओं पर पड़ रहा है। अब ग्राहक वाहन की शुरुआती कीमत के साथ-साथ उसके संचालन और रखरखाव की लागत का भी गंभीरता से आकलन कर रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, पेट्रोल या डीजल की कीमतों में मामूली वृद्धि भी आम परिवारों के मासिक बजट पर असर डालती है। उदाहरण के तौर पर यदि ईंधन की कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी होती है और कोई उपभोक्ता प्रतिमाह 100 लीटर ईंधन का उपयोग करता है, तो उसके खर्च में करीब 1,000 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में ग्राहक CNG और EV जैसे किफायती विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
EV Demand में लगातार तेजी
कंपनी के अनुसार, हाल के महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है। कुछ बाजारों में EV से जुड़ी पूछताछ और बुकिंग का स्तर पहले की तुलना में 2 से 2.5 गुना तक बढ़ गया है। यह संकेत देता है कि उपभोक्ता अब कम रनिंग कॉस्ट और पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।
हालांकि कुछ खरीदार आर्थिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से फिलहाल वाहन खरीदने का निर्णय टाल सकते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने अगले वाहन के रूप में इलेक्ट्रिक कारों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
कुल बिक्री में बढ़ रही EV की हिस्सेदारी
वर्तमान में टाटा मोटर्स की कुल यात्री वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत है। कंपनी का मानना है कि यह आंकड़ा मांग की कमी नहीं बल्कि सीमित उत्पादन और आपूर्ति क्षमता के कारण नियंत्रित है।
कंपनी ने अगले तीन से चार वर्षों में अपनी कुल यात्री वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी को 30 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं, राजस्व के मामले में भी इलेक्ट्रिक वाहन महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और यात्री वाहन व्यवसाय की कुल आय में उनकी हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत बताई जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार होता है और बैटरी प्रौद्योगिकी में लगातार सुधार जारी रहता है, तो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार आने वाले वर्षों में और अधिक तेज हो सकती है। ऐसे में टाटा मोटर्स की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रणनीति भविष्य की मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।