दैनिक खबरनामा । जम्मू, 23 जून : आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही 57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी। अनुमान है कि इस वर्ष की यात्रा से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कारोबार जुड़ सकता है।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देंगे। यात्रा से जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर जम्मू, उधमपुर, रामबन, श्रीनगर, अनंतनाग और गांदरबल तक के व्यापारियों, होटल संचालकों, टैक्सी चालकों, घोड़ा एवं पालकी संचालकों, दुकानदारों और स्थानीय कामगारों को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
यात्रा शुरू होने से करीब एक माह पहले ही बालटाल और पहलगाम मार्गों पर तैयारियां तेज हो जाती हैं। स्थानीय लोग टेंट, भोजनालय, अस्थायी दुकानें और अन्य सुविधाएं स्थापित करने में जुट जाते हैं। घोड़ा, पालकी और पिट्ठू सेवाओं से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका भी इसी यात्रा पर निर्भर रहती है।
वर्षा ऋतु में जब सामान्य पर्यटन गतिविधियां धीमी पड़ने लगती हैं, तब अमरनाथ यात्रा स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आती है। हाल के महीनों में पर्यटन क्षेत्र को झटका लगने के बाद यात्रा से पर्यटन उद्योग और स्थानीय कारोबारियों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर में भी यात्रा को लेकर रौनक बढ़ने लगी है। यहां से प्रतिदिन श्रद्धालुओं के जत्थे बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना होंगे। स्थानीय बाजारों में गर्म कपड़े, बरसाती, छाते, बैग और अन्य आवश्यक सामानों का स्टॉक बढ़ा दिया गया है।
यात्रा मार्ग से जुड़े जिलों में होटल, ढाबे, परिवहन सेवाएं और छोटे व्यापार भी श्रद्धालुओं की आवाजाही से लाभान्वित होंगे। पंजीकरण तिथि से पहले पहुंचने वाले अनेक श्रद्धालु श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी करते हैं। इससे पर्यटन, हस्तशिल्प, खरीदारी और शिकारा पर्यटन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी। यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, मुख्य सचिव अटल डुल्लू तथा संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारी लगातार तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन यात्रा को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।