दैनिक खबरनामा । रामपुर बुशहर (शिमला), 23 जून : हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में रामपुर बुशहर स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो दुष्कर्म प्रकोष्ठ) ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
2022 में दर्ज हुआ था मामला
विशेष अदालत ने 22 जून को कल्पा, जिला किन्नौर निवासी ललित मोहन को पॉक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। यह मामला पुलिस थाना रिकांगपिओ में दर्ज एफआईआर संख्या 131/2022 से संबंधित है। आरोपित के खिलाफ 22 दिसंबर 2022 को मामला दर्ज किया गया था।
जांच के बाद 2023 में दायर हुआ आरोप पत्र
मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी रिकांगपिओ एवं वर्तमान में विजिलेंस मुख्यालय में निरीक्षक पद पर तैनात जनेश्वर सिंह ने की थी। जांच पूरी होने के बाद 20 फरवरी 2023 को अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषी करार दिया।
बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर सख्ती जारी
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने अदालत के इस फैसले को प्रभावी जांच और मजबूत अभियोजन का परिणाम बताया है। पुलिस ने कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए वह प्रतिबद्ध है तथा ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।