दैनिक खबरनामा । शिमला, 23 जून : हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में छह माह के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) कर्मचारी संघ द्वारा हड़ताल की घोषणा के बाद लिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाएं यात्रियों की निर्बाध आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं के परिवहन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनहित की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण एचआरटीसी कर्मचारियों तथा परिवहन सेवाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़े कर्मियों की सेवाओं को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है।
मंडी डिपो में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
हड़ताल की आशंका के बीच एचआरटीसी मंडी डिपो प्रशासन ने कर्मचारियों की सभी छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। कर्मचारियों को 24 जून को अनिवार्य रूप से ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
छह माह या अगले आदेश तक रहेगा प्रतिबंध
अपर मुख्य सचिव (परिवहन) आर.डी. नजीम द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवा (अनुरक्षण) अधिनियम के तहत सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में किसी भी प्रकार की हड़ताल पर छह माह की अवधि अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रतिबंध रहेगा।
सरकार का कहना है कि परिवहन सेवाओं में किसी भी तरह का व्यवधान आम जनता की सुविधा, सार्वजनिक सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं के संचालन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, जो व्यापक जनहित के खिलाफ होगा।
हड़ताल में शामिल होने पर होगी कार्रवाई
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में कार्यरत कोई भी कर्मचारी न तो हड़ताल शुरू करेगा और न ही उसमें भाग लेगा। इसके अलावा कोई भी कर्मचारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हड़ताल को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेगा। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।