दैनिक खबरनामा । जम्मू, 24 जून : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई 25 जून को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाएगी। इस अवसर पर वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक स्वतंत्रताओं और मौलिक अधिकारों पर पड़े प्रभावों को उजागर करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भाजपा नेता एडवोकेट चंद्र मोहन शर्मा ने त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि 25 जून भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में आपातकाल लागू किए जाने से लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को गंभीर क्षति पहुंची थी। शर्मा ने बताया कि ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाने का उद्देश्य देशवासियों को उस दौर की घटनाओं और लोकतंत्र पर पड़े उनके प्रभाव से अवगत कराना है।
उन्होंने कहा कि इस दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों पर लगे प्रतिबंधों, लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और संविधान की रक्षा के महत्व पर चर्चा की जाएगी।
इस अवसर पर भाजपा नेताओं ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक नेताओं में से एक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एडवोकेट शर्मा ने डॉ. मुखर्जी को भारतीय जनसंघ की वैचारिक प्रेरणा और जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाला राष्ट्रवादी नेता बताया।
इससे पहले पार्टी मुख्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, जम्मू-कश्मीर प्रभारी एवं राज्यसभा सदस्य , प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।