दैनिक खबरनामा। मंडी, 9 अगस्त: हिमाचल की रीढ़ माने जाने वाले कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर आने वाले समय में गाड़ियों का दबाव तेजी से बढ़ने वाला है। पहाड़ों की खूबसूरती देखने आने वाले पर्यटकों और बढ़ती कारोबारी गतिविधियों की वजह से इस सड़क पर वाहन पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा दौड़ेंगे।
एनएचएआई ने मंडी जिले के पंडोह के पास ट्रैफिक सर्वे कराया। सर्वे के नतीजों के मुताबिक अगले 15 सालों में इस फोरलेन पर वाहनों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो जाएगी।
एनएचएआई ने बनाया रोडमैप
एनएचएआई की रिपोर्ट के अनुसार 2041 तक मौजूदा चार लेन का यह राष्ट्रीय राजमार्ग बढ़ते ट्रैफिक को संभाल नहीं पाएगा। ऐसे में इसे छह लेन में बदलना जरूरी हो जाएगा। संस्थान ने 2023 से लेकर 2049 तक के संभावित ट्रैफिक का पूरा खाका तैयार कर उसे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया है।
तीन साल में कितना बदला आंकड़ा
एनएचएआई के आंकड़ों के अनुसार 2023 में इस मार्ग पर रोजाना औसतन 16,911 पैसेंजर कार यूनिट यानी पीसीयू और 4,480 कमर्शियल व्हीकल यानी सीवीपीडी चलते थे। उस समय फोरलेन सड़क का सर्विस लेवल बी कैटेगरी में था और स्थिति सामान्य थी।
2026 तक पीसीयू की संख्या बढ़कर 19,584 तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं 2038 तक यह आंकड़ा 35,165 पीसीयू तक जा सकता है।
2041 बनेगा निर्णायक साल
असली चुनौती 2041 में सामने आएगी। रिपोर्ट के मुताबिक तब रोजाना 40,705 पीसीयू और 10,783 से ज्यादा कमर्शियल वाहन इस सड़क से गुजरेंगे। इस स्थिति में सड़क का सर्विस लेवल बी से घटकर सी में चला जाएगा। जाम और धीमी रफ्तार से बचने के लिए तब इसे छह लेन करना अनिवार्य होगा।
2049 तक 60 हजार के पार पहुंचेगा आंकड़ा
एनएचएआई के प्रोजेक्शन के अनुसार 2045 में इस रूट पर 49,480 पीसीयू और 13,107 भारी कमर्शियल वाहन रोजाना चलेंगे। 2049 तक यह संख्या और बढ़कर 60,146 पीसीयू और 15,932 कमर्शियल वाहन प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी।
पर्यटन और सामरिक दोनों लिहाज से अहम इस मार्ग पर भविष्य में लंबा जाम न लगे, इसके लिए केंद्र सरकार और एनएचएआई अभी से आगे की इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग पर काम कर रहे हैं।