दैनिक खबरनामा । श्रीनगर, 26 जून : जम्मू-कश्मीर के खेल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारत सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में पहले राष्ट्रीय खेल उत्कृष्टता केंद्र (नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-एनसीओई) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह अत्याधुनिक केंद्र दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में विकसित किया जाएगा, जिसे उच्च ऊंचाई वाले खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और उत्कृष्ट खिलाड़ियों के निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में तैयार करने की योजना है।
इस फैसले का स्वागत करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और खेल मंत्री सतीश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगी और जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय खेल परिदृश्य में नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगी।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर सरकार लंबे समय से राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्टता केंद्र की मांग कर रही थी। इसी क्रम में अप्रैल 2026 में श्रीनगर स्थित SKICC में आयोजित चिंतन शिविर के दौरान मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने केंद्र सरकार के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इसके बाद अब इस परियोजना को स्वीकृति मिल गई है।
परियोजना के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू
अधिकारियों के अनुसार, आगामी चरण में स्थल निरीक्षण, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, विस्तृत सर्वेक्षण तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए कश्मीर संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रारंभिक व्यवहार्यता अध्ययन पूरा हो चुका है और चयनित भूमि को राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधा के लिए उपयुक्त माना गया है। उपलब्ध सरकारी भूमि के कारण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परिसर विकसित करने में सुविधा मिलेगी।
आधुनिक खेल सुविधाओं से होगा लैस
प्रस्तावित एनसीओई को हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स और विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताओं के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह केंद्र स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धी खेलों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराएगा।
केंद्र में एथलेटिक्स ट्रैक, इनडोर कोर्ट, फुटबॉल और हॉकी टर्फ, कबड्डी एवं खो-खो मैदान, शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल, ताइक्वांडो हॉल, स्पोर्ट्स स्किल डेवलपमेंट सेंटर, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग यूनिट, रीहैबिलिटेशन कॉम्प्लेक्स, छात्रावास, खेल विज्ञान केंद्र तथा स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रारंभिक स्तर से लेकर उच्च प्रदर्शन स्तर तक समग्र समर्थन प्रदान करना है।
खिलाड़ियों को मिलेगा हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग का लाभ
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण से खिलाड़ियों की सहनशक्ति, फिटनेस और प्रतिस्पर्धी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होता है। कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियां इस दृष्टि से विशेष रूप से अनुकूल हैं। ऐसे में यह केंद्र भविष्य में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों, कोचिंग कार्यक्रमों और प्रमुख खेल आयोजनों का महत्वपूर्ण स्थल बन सकता है।
रोजगार और करियर की संभावनाएं भी बढ़ेंगी
यह परियोजना केवल खेल प्रतिभाओं के विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। कोच, प्रशिक्षक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल वैज्ञानिक, फिटनेस विशेषज्ञ और तकनीकी कर्मियों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में करियर की संभावनाएं विकसित होंगी। साथ ही युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और उपलब्धि की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर में पहले राष्ट्रीय खेल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को प्रदेश के खेल इतिहास में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में नई भूमिका निभा सकेगा।
मनोज सिन्हा ने जताया आभार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि एनसीओई की मंजूरी के लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के आभारी हैं। उनके अनुसार यह केंद्र विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना और उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा हजारों युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास का लाभ देगा।
सतीश शर्मा बोले— खेलों के लिए ऐतिहासिक कदम
खेल मंत्री सतीश शर्मा ने भी इस मंजूरी को जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश के खेल परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सहयोग से जम्मू-कश्मीर में खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास को नई गति मिली है। उनके अनुसार यह केंद्र राष्ट्रीय चैंपियन, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता और ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
सतीश शर्मा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जम्मू-कश्मीर ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। एनसीओई युवाओं के लिए एक परिवर्तनकारी पहल साबित होगा, जहां उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पेशेवर कोचिंग और बेहतर प्रतिस्पर्धी अवसर उपलब्ध होंगे।