दैनिक खबरनामा ब्यूरो। दुबई, 11 अगस्त : ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका के सामने सख्त रुख अपना लिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नवनियुक्त सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता और ईरान की शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए नहीं खोला जाएगा।
रेजाई ने कहा कि अमेरिका को युद्ध समाप्त करना होगा, ईरान की जमी हुई संपत्तियां वापस करनी होंगी और लेबनान तथा गाजा समेत पूरे क्षेत्र में संघर्ष समाप्त करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और ओमान के बीच जलडमरूमध्य से होकर आवाजाही को लेकर कोई समझौता होता है तो वह होर्मुज को बंद रखने के फैसले से अलग मुद्दा होगा।
ट्रंप ने भी बढ़ाया दबाव
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से युद्ध और अन्य घटनाओं में हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पिछले करीब 50 वर्षों में हुए नुकसान के लिए ईरान से पैसे की मांग करेगा। उन्होंने ईरानी वार्ताकारों को ‘चालाक’ बताते हुए कहा कि बातचीत अभी जारी है।
पाकिस्तान को समझौते की उम्मीद
इससे पहले पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर उम्मीद जताई थी। पाकिस्तान और कतर इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों के संकेतों से लगता है कि दोनों पक्ष किसी समझौते के करीब पहुंच सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। युद्ध से पहले वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्साइसी मार्ग से गुजरता था। ऐसे में इसके लंबे समय तक बंद रहने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
खाड़ी और लाल सागर में भी बढ़ा तनाव
इसी बीच खाड़ी और लाल सागर में जहाजों पर हमलों की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। यमन के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक छोटे मालवाहक जहाज पर संदिग्ध हमले में चार चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई। हूती संगठन ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
वहीं, पाकिस्तान के पास ओमान की खाड़ी से गुजर रहे एक कंटेनर जहाज को भी मिसाइल से निशाना बनाए जाने की खबर है। क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।