दैनिक खबरनामा । जम्मू, 1 जुलाई : गर्मी और बरसात के मौसम में बिजली की बार-बार ट्रिपिंग और तकनीकी खराबी से जूझ रहे जम्मू संभाग के उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (JPDCL) ने बड़ा फैसला लिया है। निगम ने हर इलेक्ट्रिक डिवीजन स्तर पर ‘स्विफ्ट रिस्पांस टीम्स’ यानी त्वरित कार्रवाई दस्ते गठित किए हैं। इन टीमों का मकसद आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश या ओवरलोड की वजह से होने वाले बिजली संकट को कम से कम समय में दूर कर उपभोक्ताओं को लगातार आपूर्ति देना है।
JPDCL ने इसको लेकर एक आधिकारिक सूची सार्वजनिक की है। इसमें जम्मू संभाग के सभी इलेक्ट्रिक डिवीजनों और उनके तहत आने वाले सब-डिवीजनों के प्रभारी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE), सहायक अभियंता तकनीकी (AE-T) और कनिष्ठ अभियंता/फीडर मैनेजर (JE/FM) स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं।
निगम का कहना है कि अब उपभोक्ता बिजली से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में सीधे संबंधित अधिकारी को कॉल कर सकेंगे। पहले शिकायत के लिए कॉल सेंटर या दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे मरम्मत में देरी होती थी।
हर साल गर्मियों में पारा 40 डिग्री पार करने और मानसून में तेज हवाओं के कारण जम्मू संभाग में पोल गिरने, तार टूटने और ट्रांसफार्मर फेल होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ज्यादा लोड के चलते भी कई इलाकों में बार-बार बिजली जाती है। घंटों आपूर्ति ठप रहने से अस्पताल, पानी की सप्लाई और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
JPDCL के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, स्विफ्ट रिस्पांस टीमों को 24×7 अलर्ट पर रखा गया है। आदेश है कि शिकायत मिलते ही टीम मौके पर पहुंचे और फॉल्ट ठीक करे। हर डिवीजन में जरूरी उपकरण, गाड़ियां और स्टाफ पहले से तैयार रखे गए हैं ताकि किसी भी हालात से तुरंत निपटा जा सके।
इससे क्या बदलेगा
– तुरंत एक्शन: उपभोक्ता सीधे फील्ड अफसर को फोन कर पाएंगे। इससे सूचना मिलने और टीम निकलने के बीच का वक्त बचेगा।
– जिम्मेदारी तय: हर सब-डिवीजन के लिए अफसर का नाम और नंबर तय होने से जवाबदेही फिक्स होगी।
– पारदर्शिता: सीधे अधिकारियों तक पहुंच से सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
– लोड कंट्रोल: टीमें पीक आवर में लोड पर नजर रखेंगी और ओवरलोड होने पर तुरंत लोड बैलेंस करेंगी।
उपभोक्ताओं से अपील
JPDCL प्रबंधन ने लोगों से कहा है कि तकनीकी खराबी, तार टूटने या ट्रांसफार्मर में आग जैसी इमरजेंसी में परेशान न हों। अपने इलाके के डिवीजन से जुड़े अधिकारी को तुरंत सूचना दें। साथ ही निगम ने बिजली चोरी न करने और मीटर से छेड़छाड़ न करने की अपील की है, क्योंकि इससे पूरे सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और फॉल्ट की आशंका ज्यादा हो जाती है।
अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर की पूरी लिस्ट JPDCL की आधिकारिक वेबसाइट, संबंधित डिवीजन दफ्तरों के नोटिस बोर्ड और स्थानीय अखबारों में जारी की गई है। इसके अलावा निगम के सोशल मीडिया हैंडल पर भी यह जानकारी दी गई है।
JPDCL का दावा है कि स्विफ्ट रिस्पांस टीमों के बनने से इस मानसून सीजन में बिजली कटौती के औसत समय में 40 से 50 फीसदी तक कमी आएगी। निगम का टारगेट है कि शहरी इलाकों में कोई भी फॉल्ट 1 से 2 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 3 से 4 घंटे के अंदर ठीक कर दिया जाए।
फिलहाल जम्मू संभाग के इलेक्ट्रिक डिवीजन I, II, III, विजयपुर, सांबा, कठुआ, उधमपुर, रियासी, राजौरी और पुंछ समेत सभी डिवीजनों में टीमें काम पर लगा दी गई हैं। आने वाले दिनों में इन टीमों के काम की समीक्षा भी होगी ताकि जरूरत के हिसाब से और सुधार किए जा सकें।