8 दिन तक कांग्रेसियों ने दिया धरना, बोले—दलित स्वाभिमान, संविधान और सामाजिक न्याय की जीत
दैनिक खबरनामा चंडीगढ़, 09 सितंबर। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में पंजाब कांग्रेस भवन में पिछले आठ दिनों से चल रहा क्रमिक धरना बुधवार को समाप्त हो गया। उत्तराखंड पुलिस द्वारा हल्द्वानी कोतवाली में कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया।
धरने की समाप्ति के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समन्वयक सुधीर चौधरी, सह-प्रभारी मनी राम और प्रदेश अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह लक्की पक्खो ने कहा कि आठ दिनों तक चले संघर्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर के संविधान, दलित स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्य में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कथित अपमान के मामले में कार्रवाई करवाने के लिए पार्टी को लगातार संघर्ष करना पड़ा, जबकि दलितों और वंचित वर्गों के हक में आवाज उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।
गिरफ्तारी तक प्रशासन पर रहेगी नजर
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद धरना फिलहाल समाप्त किया गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पार्टी की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज राजनीतिक दुर्भावना वाला मुकदमा रद्द नहीं किया गया तो कांग्रेस एक बार फिर सड़कों पर उतरेगी।
नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को पंजाब के प्रत्येक ब्लॉक और जिले तक ले जाया जाएगा। उन्होंने इसे दलित सम्मान, संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए कांग्रेस की लड़ाई का हिस्सा बताया।