दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 10 सितंबर: भ्रष्टाचार के आरोपों में नौकरी से निकाले गए चंडीगढ़ पुलिस के चार कर्मियों को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) की चंडीगढ़ बेंच से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने सब इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह, कृष्ण कुमार, एएसआई हरमीत सिंह और अख्तर हुसैन की बर्खास्तगी को लेकर एसएसपी चंडीगढ़ द्वारा जारी आदेश को रद्द कर दिया है।
इन सभी पुलिसकर्मियों को अलग-अलग मामलों में सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, अख्तर और कृष्ण कुमार को सीबीआई ने साल 2023 में पकड़ा था, जबकि हरमीत सिंह और बलविंदर सिंह को अगले साल एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग ने चारों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने कैट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ताओं के वकील रोहित सेठ ने ट्रिब्यूनल में दलील दी कि उनके मुवक्किलों को बिना किसी विभागीय जांच के ही नौकरी से हटा दिया गया, जो नियमों के विपरीत है।
सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कैट ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस विभाग यह साबित करने में नाकाम रहा कि बर्खास्तगी के समय ऐसी असाधारण परिस्थितियां मौजूद थीं, जिनके चलते विभागीय जांच कराना मुमकिन नहीं था। विभाग ने केवल आरोपों की गंभीरता का हवाला दिया, लेकिन यह स्पष्ट करने के लिए कोई ठोस कारण नहीं दिया कि जांच कराने में क्या व्यावहारिक कठिनाई थी।
आपराधिक मुकदमे पर फैसले का असर नहीं
कैट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आदेश का सीबीआई अदालत में विचाराधीन आपराधिक मामलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करते हुए ट्रिब्यूनल ने पुलिस विभाग को सर्विस नियमों के तहत आगे नियमानुसार कार्रवाई करने की छूट दी है।
साथ ही कैट ने निर्देश दिया है कि इन पुलिसकर्मियों की बहाली, सेवा की निरंतरता, अन्य लाभ और बर्खास्तगी की अवधि को सेवा में कैसे गिना जाएगा, इस संबंध में सक्षम प्राधिकारी तीन महीने के अंदर निर्णय लें।