दैनिक खबरनामा । जम्मू, 2 जुलाई : जम्मू गुरुवार दिन में लगभग 11:27 बजे जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में धरती हिली। अचानक आए झटकों से घबराकर लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले में आ गए।
इस भूकंप का अधिकेंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश इलाका था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई। कंपन का असर पाकिस्तान और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों तक रहा। जम्मू-कश्मीर में झटके अपेक्षाकृत हल्के थे। कश्मीर घाटी में मामूली कंपन महसूस हुआ, जबकि जम्मू में इसका असर बहुत कम रहा।
फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। जम्मू विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एसके पंडिता ने बताया कि अधिकेंद्र काफी दूर होने के कारण घबराने की स्थिति नहीं है। हालांकि उन्होंने आगाह किया कि जम्मू-कश्मीर भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, इसलिए लोगों को हमेशा तैयार रहना चाहिए।
भूकंप के दौरान बरतें ये सावधानी
भूकंप आने पर ‘झुकें, ढकें और पकड़ें’ का नियम सबसे सुरक्षित माना जाता है। झटका महसूस होते ही तुरंत फर्श पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे जाकर सिर और गर्दन को बचाएं, और कंपन थमने तक उसी स्थिति में बने रहें।