दैनिक खबरनामा । जम्मू, 2 जुलाई: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सरकारी संपत्तियों के निपटान और पट्टा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सभी प्रशासनिक विभागों को अब गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस यानी GeM के फॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल के जरिए ही नीलामी करनी होगी।
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन काम करने वाले GeM ने 18 मार्च 2026 को स्पष्ट किया कि फॉरवर्ड ऑक्शन सुविधा से अचल संपत्ति, उपयोग में आने वाली सामग्री और अन्य परिसंपत्तियों को पूरे देश में ऑनलाइन बोली के जरिए बेचा जा सकता है। यह प्रक्रिया प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी है।
इसके साथ ही दुकानों, पार्किंग क्षेत्रों और दूसरी व्यावसायिक सरकारी संपत्तियों को किराये पर देने के लिए भी यह प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किया जा सकेगा। सर्कुलर में बताया गया कि GeM पर अब तक 12000 से ज्यादा नीलामियां हो चुकी हैं। इनमें 25000 से अधिक संपत्तियों का सफलतापूर्वक निपटान किया गया है। ऑनलाइन प्रतिस्पर्धी बोली से सरकारी विभागों को संपत्तियों का बेहतर मूल्य मिला है।
ई-कचरा और भवन अब GeM पर बिकेंगे
आदेश में मैनुअल फॉर प्रोक्योरमेंट ऑफ गुड्स के द्वितीय संस्करण-2024 के पैरा 10.8.1 का हवाला भी दिया गया है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और संबद्ध संस्थाओं को संपत्तियों के निपटान और पट्टे के लिए GeM फॉरवर्ड ऑक्शन सुविधा अपनाने की सिफारिश की गई है।
इसी आधार पर सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले कार्यालयों को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद सरकारी अचल संपत्ति, गैर-जरूरी सामान, कबाड़, ई-वेस्ट, वाहनों और अन्य अतिरिक्त सामग्री का निपटान GeM फॉरवर्ड ऑक्शन मॉड्यूल से ही करें। साथ ही उपलब्ध सरकारी संपत्तियों को लीज पर देने की प्रक्रिया भी इसी प्लेटफॉर्म पर चलाई जाए।