चंडीगढ़ 2 जनवरी (जगदीश कुमार)पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य सरकार प्रशासनिक अनुशासन को लेकर पूरी तरह गंभीर है और ड्यूटी में लापरवाही व अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी वर्षों से अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित हैं, उनके लिए प्रशासन में कोई स्थान नहीं है।वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य एक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसेवा के प्रति समर्पित प्रशासन तैयार करना है। इसके लिए आवश्यक है कि सभी सरकारी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और समयबद्ध तरीके से निर्वहन करें। ड्यूटी से गायब रहना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करता है, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सरकार ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर रही है, जो लंबे समय से बिना अनुमति के अनुपस्थित हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों को सरकार पूरा सम्मान और सहयोग देगी, लेकिन जो लोग अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ते हैं, उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। सरकार की प्राथमिकता जनता को बेहतर सेवाएं देना है और इसके लिए प्रशासनिक अनुशासन सबसे अहम है।उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर सख्त निगरानी रखें, ताकि शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाया जा सके।