दैनिक खबरनामा : 12 जुलाई , नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ ट्रस्ट संचालित करने वाले नियोक्ताओं और संस्थानों को राहत देते हुए ‘छह महीने की माफी योजना-2026’ (EPFO Amnesty Scheme) लागू की है। श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, इस वन-टाइम पहल का उद्देश्य ईपीएफ और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत पात्र संस्थानों को अपनी कानूनी स्थिति नियमित करने का अवसर प्रदान करना है। यह विशेष योजना छह महीने तक प्रभावी रहेगी और पात्र नियोक्ता तथा अन्य संबंधित पक्ष इसका लाभ उठा सकेंगे।

किन संस्थानों के लिए लागू होगी योजना

यह योजना उन संस्थानों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिनके पीएफ ट्रस्ट आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त हैं और नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केंद्र या राज्य सरकार की ओर से औपचारिक छूट (Exemption) की अधिसूचना नहीं मिली है। मंत्रालय के अनुसार, यह व्यवस्था फाइनेंशियल एक्ट-2026 में किए गए संशोधनों के अनुरूप है। नए प्रावधानों के तहत अब केवल वही प्रोविडेंट फंड आयकर अधिनियम के तहत मान्यता के पात्र होंगे, जिन्हें ईपीएफ अधिनियम की धारा-17 के अंतर्गत आधिकारिक छूट प्राप्त होगी।

पात्र संस्थानों को दो वर्गों में रखा गया

ईपीएफओ ने इस एमनेस्टी स्कीम के तहत योग्य संस्थानों को दो श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी में वे संस्थान शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही अपने ट्रस्ट के रेग्युलराइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और बिना छूट वाले प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन कर रहे हैं। दूसरी श्रेणी में वे संस्थान आते हैं, जो सोशल सिक्योरिटी संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त संस्थान के रूप में अपना संचालन जारी रखना चाहते हैं।

बकाया, हर्जाना और ब्याज संबंधी मामलों में राहत

योजना के तहत ट्रस्ट की स्थापना की तिथि से निर्धारित अवधि तक उसकी छूट और मान्यता को नियमित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सोशल सिक्योरिटी कोड-2020 के तहत न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या, फंड के आकार और पिछले तीन वर्षों के अनुपालन जैसी शर्तों में भी महत्वपूर्ण राहत दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि बकाया राशि, हर्जाना, ब्याज और संबंधित लंबित आकलनों को वापस लेकर माफ किया जाएगा, बशर्ते संबंधित सदस्य खातों में वैधानिक दर के बराबर या उससे अधिक अंशदान और ब्याज पहले से जमा किया गया हो।

आवेदन की प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के इच्छुक संस्थानों को संबंधित ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार को ईमेल द्वारा आवेदन भेजना होगा। इच्छुक आवेदक rc.exemption@epfindia.gov.in पर अपनी रुचि दर्ज करा सकते हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन के साथ वित्तीय खातों का ऑडिट किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, ईपीएफओ अधिकारियों की ओर से निर्देशित किसी भी विशेष या अनुपालन ऑडिट की प्रक्रिया आवेदन जमा होने के तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

नगर निगम चुनाव की तैयारी में AIMIM, जयपुर में प्रदेश कार्यकारिणी की अहम बैठक

राजस्थान 19 जनवरी (दैनिक खबरनामा) राजस्थान जयपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM)…
Share to :

बीएसएनएल जेटीओ भर्ती 2026: जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर के 100 पदों पर आवेदन 4 जून से, सैलरी 40 हजार से अधिक

दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 3 जून : सरकारी नौकरी की तैयारी कर…
Share to :

अजित पवार की विमान हादसे में मौत पर संजय राउत का बड़ा दावा,कहा यह सामान्य दुर्घटना नहीं,पर्दे के पीछे कुछ और है

महाराष्ट्र 2 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा) महाराष्ट्र एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित…
Share to :

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विनायक गोपाल कृष्ण चेरिटेबल ट्रस्ट ने डीग चिकित्सालय में किया फल वितरण

राजस्थान 24 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) राजस्थान के डींग में रविवार को…
Share to :