दैनिक खबरनामा। जम्मू, 13 जुलाई: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में शासन व्यवस्था को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने प्रदेश में 17 नई तहसीलों के गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद लद्दाख में तहसीलों की कुल संख्या 15 से बढ़कर 32 हो जाएगी।
पिछले दिनों लद्दाख में 5 नए जिलों के गठन के बाद से प्रशासन को और कारगर बनाने की कवायद चल रही थी। इसी कड़ी में नई तहसीलों का गठन किया गया है ताकि पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सरकारी सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
उपराज्यपाल ने कहा कि इस पुनर्गठन का मुख्य मकसद राजस्व तंत्र को दुरुस्त करना और प्रशासनिक सेवाओं को हर गांव तक पहुंचाना है। दूर-दराज और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए कामकाज को सरल बनाना भी इस पहल का उद्देश्य है।
नए प्रावधान के तहत अब हर राजस्व गांव सिर्फ एक ही तहसील का हिस्सा होगा और हर तहसील केवल एक जिले से जुड़ी होगी। इससे पहले जो अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक दायरे का टकराव था, वह खत्म हो जाएगा। इससे राजस्व संबंधी कामकाज अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।
उपराज्यपाल के अनुसार नए सिरे से तय किए गए ढांचे में जिलावार तहसीलों का बंटवारा इस प्रकार होगा:
लेह जिले में 5 तहसीलें, कारगिल में 7, चांगथांग में 4, नुब्रा में 6, जांस्कर में 4, शाम में 5 और द्रास जिले में 1 तहसील।
उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित और समृद्ध लद्दाख” के संकल्प के अनुरूप है। वर्ष 2019 में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद प्रशासन को जनता के अनुकूल बनाने की दिशा में यह एक अहम पहल है।
उपराज्यपाल का मानना है कि नए ढांचे से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी और राजस्व से जुड़े मामलों का निपटारा तय समय में होगा। खासकर सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की अपेक्षा तेजी से मिल पाएगा। साथ ही प्रशासन और आम जनता के बीच तालमेल भी बेहतर होगा।
गौरतलब है कि लद्दाख में 5 नए जिलों के गठन का निर्णय इसी वर्ष अप्रैल में लिया गया था। मई में उपराज्यपाल ने नए जिलों में प्रशासनिक कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया तेज की थी। नए जिलों में डिप्टी कमिश्नरों की तैनाती के बाद अब तहसील स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी ताकि व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।