दैनिक खबरनामा। मोहाली, 14 जुलाई: डेराबस्सी की एटीएस गोल्फ मेडोज-2 हाउसिंग परियोजना में एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज यानी इडीसी के नाम पर अतिरिक्त पैसे लिए जाने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने प्रोजेक्ट के खरीदारों के हक में अहम फैसला सुनाया है।
आयोग ने एटीएस एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को आदेश दिया है कि वे 1,65,943 रुपये की राशि 24 जून 2022 से 9 फीसदी सालाना ब्याज के साथ वापस करें। इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न और कानूनी खर्च के तौर पर 20 हजार रुपये अलग से देने होंगे।
यह मामला शशि भूषण मित्तल और रेणु मित्तल की शिकायत पर आया था। दोनों ने 2021 में एटीएस गोल्फ मेडोज-2 में 350 वर्ग गज का एक प्लॉट रीसेल के जरिए खरीदा था। शिकायत में कहा गया कि प्लॉट के पहले आवंटियों से इडीसी के नाम पर कुल 4.37 लाख रुपये वसूले गए थे। जबकि नगर परिषद डेराबस्सी ने इस प्लॉट के लिए वास्तविक इडीसी 2,42,382 रुपये तय की थी।
बिल्डर ने फर्क की कुछ राशि लौटा तो दी, लेकिन 1,65,943 रुपये अपने पास ही रख लिए। इसी को लेकर उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान बिल्डर ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता मूल आवंटी नहीं हैं। आयोग ने इस दलील को खारिज कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि रजिस्टर्ड बिक्री दस्तावेज के बाद नया खरीदार भी कानूनन उपभोक्ता माना जाएगा और उसे शिकायत का पूरा अधिकार है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर 30 दिन के भीतर तय राशि का भुगतान नहीं किया गया तो उसके बाद बकाया रकम पर 12 फीसदी सालाना की दर से ब्याज देना होगा।