दैनिक खबरनामा। कठुआ, 16 जुलाई: परिवहन विभाग के नए आदेश के बाद कठुआ जिले में वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लग गई है। अब यहां के वाहन चालकों को अनिवार्य फिटनेस के लिए 40 किलोमीटर दूर सांबा के विजयपुर या जम्मू के सयोड़ा में स्थित निजी ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर तक जाना पड़ेगा।
नियमों के तहत अब फिटनेस की जांच सिर्फ मशीनों के जरिए ही मान्य होगी। चूंकि कठुआ में इस तरह का आधुनिक सेंटर अभी नहीं है, इसलिए पूरे जिले को दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
साल भर से टल रही थी व्यवस्था
यह नियम अक्टूबर पिछले वर्ष से लागू किया जाना था, लेकिन समय-समय पर इसमें ढील दी जाती रही। अब तक कठुआ में पारंपरिक तरीके से ही जांच होती थी, जिसमें आरटीओ के कर्मचारी और तकनीकी स्टाफ वाहनों का निरीक्षण करते थे।
ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश, सड़कों पर उतरे
नए फरमान से खासकर ट्रांसपोर्टर समुदाय नाराज है। बुधवार को उन्होंने आरटीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार से फैसले पर दोबारा सोचने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि कठुआ से बनी, बसोहली और बिलावर जैसे दूरदराज के इलाकों की दूरी पहले ही 70 से 80 किलोमीटर है। ऐसे में फिटनेस के लिए जम्मू तक अतिरिक्त 20 से 30 किलोमीटर का सफर करना छोटे वाहन मालिकों के लिए आर्थिक बोझ बन जाएगा।
एक ट्रांसपोर्टर ने कहा, “हर हफ्ते मंगलवार को यहां करीब 70 वाहन फिटनेस के लिए आते थे। महीने में लगभग 300 गाड़ियों की जांच होती थी। अब हर गाड़ी को सांबा या जम्मू भेजना पड़ेगा। डीजल का खर्च अलग और समय की बर्बादी अलग।”
लाखों लोग होंगे प्रभावित
ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया कि जिले की छह विधानसभा सीटों के छह विधायकों को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन किसी ने पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि खासकर तीन पहिया वाहन चालकों के लिए इतनी दूर जाना मुश्किल होगा। पहले साल में दो बार फिटनेस करानी पड़ती थी, अब बाहर जाने से परेशानी दोगुनी हो जाएगी।
विभाग बोला- पारदर्शिता के लिए जरूरी
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बदलाव का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कदम व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है। सांबा में लगा अत्याधुनिक ऑटोमेटिक सेंटर वैज्ञानिक तरीके से जांच करता है, जिससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी। उनके मुताबिक अब सभी कमर्शियल वाहनों की फिटनेस वहीं होगी।
कठुआ में सेंटर का प्रस्ताव लंबित
जानकारी के अनुसार कठुआ में एक निजी कंपनी ने ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर खोलने के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन उसे अब तक अनुमति नहीं मिली है। आरटीओ शर्मा ने कहा कि अगर सेंटर को मंजूरी मिलती है तो स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
अब देखना होगा कि ट्रांसपोर्टरों के विरोध के बाद प्रशासन अपने फैसले में कोई बदलाव करता है या वाहन मालिकों को फिटनेस के लिए सांबा-जम्मू का रुख करना ही पड़ेगा।