दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 27 जुलाई : हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को भारत के एलसीए तेजस Mk1A कार्यक्रम के लिए GE F404-IN20 के सात इंजन प्राप्त हो चुके हैं।
GE एयरोस्पेस ने HAL को आश्वासन दिया है कि वह 31 दिसंबर 2026 तक अतिरिक्त 20 से 22 इंजन भी भेज देगा। HAL का मानना है कि इससे उत्पादन में आ रही सबसे बड़ी बाधा दूर हो जाएगी और वह चालू वित्त वर्ष के अंत तक भारतीय वायुसेना को तेजस Mk1A की पहली पूर्ण स्क्वाड्रन सौंपने में सक्षम होगी।
HAL का दावा है कि 20 तेजस Mk1A विमान पहले ही तैयार किए जा चुके हैं और उन्होंने सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण भी पूरे कर लिए हैं। नए इंजन लगाए जाने के बाद इन विमानों को केवल सीमित अतिरिक्त परीक्षणों से गुजरना होगा।
पहले तेजस Mk1A विमान की डिलीवरी फरवरी 2024 तक होनी थी। यदि नया अनुमान सही साबित होता है, तो यह विमान फरवरी 2021 में अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के लगभग छह वर्ष बाद भारतीय वायुसेना को सौंपा जाएगा।
रडार और एकीकरण से जुड़ी तकनीकी चुनौतियां
इंजन आपूर्ति में देरी के अलावा विमान के विभिन्न सिस्टमों के एकीकरण से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याएं भी पूरी तरह हल नहीं हुई हैं।
शुरुआत में योजना थी कि तेजस Mk1A में स्वदेशी ‘उत्तम’ एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार लगाया जाएगा, लेकिन तकनीकी देरी के कारण इस योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। इसके स्थान पर इज़राइल निर्मित EL/M-2052 एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
फिलहाल रडार, हथियार प्रक्षेपण नियंत्रण प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) प्रणाली के बीच समन्वय स्थापित करने में कुछ तकनीकी चुनौतियां बनी हुई हैं। HAL और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा इन समस्याओं का समाधान होने के बाद सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थिनेस एंड सर्टिफिकेशन (CEMILAC) से अंतिम मंजूरी लेनी होगी।
हालांकि अस्त्र और ASRAAM मिसाइलों के प्रारंभिक प्रक्षेपण परीक्षण पूरे हो चुके हैं, लेकिन पूरे हथियार पैकेज और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के एकीकरण के लिए अभी अंतिम स्वीकृति मिलना बाकी है।
भारतीय वायुसेना ने 180 तेजस Mk1A विमानों का दिया है ऑर्डर
भारतीय वायुसेना ने अब तक कुल 180 तेजस Mk1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है।
- फरवरी 2021 में 83 विमान (73 लड़ाकू और 10 प्रशिक्षण विमान) खरीदने के लिए ₹45,696 करोड़ का अनुबंध किया गया था।
- इन विमानों की डिलीवरी फरवरी 2024 से शुरू होकर 2028-29 तक पूरी होनी थी।
- HAL अब उत्पादन क्षमता बढ़ाकर हर वर्ष 24 से 30 विमान बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए नासिक स्थित संयंत्र का भी उपयोग किया जाएगा।
- दिसंबर 2025 में भारतीय वायुसेना ने 97 अतिरिक्त तेजस Mk1A विमान (68 एकल-सीट और 29 दो-सीट प्रशिक्षण विमान) ₹62,370 करोड़ में खरीदने का नया अनुबंध किया। इसके अनुसार प्रत्येक विमान की औसत लागत लगभग ₹640 से ₹650 करोड़ है।
GE के साथ इंजन आपूर्ति के अनुबंध
HAL ने वर्ष 2021 में पहले 83 तेजस Mk1A विमानों के लिए 99 F404-GE-IN20 इंजनों की आपूर्ति हेतु GE एयरोस्पेस के साथ अनुबंध किया था। इस अनुबंध का मूल्य लगभग 716 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में आई समस्याओं के कारण इंजन निर्धारित गति से नहीं मिल सके, जिससे HAL को अनुबंध में निर्धारित दंडात्मक प्रावधान लागू करने पड़े।
इसके बाद नवंबर 2025 में भारतीय वायुसेना द्वारा 97 अतिरिक्त विमानों का ऑर्डर दिए जाने के बाद HAL ने 113 और इंजनों का नया ऑर्डर GE एयरोस्पेस को दिया। लगभग 1 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले इस अनुबंध के तहत इंजन 2027 से 2032 के बीच चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे।