दैनिक खबरामा। शिमला, 8 अगस्त: हिमाचल की राजधानी में जिला परिषद का गठन अटके 70 दिन से ज्यादा हो गए हैं। इसे लेकर भाजपा ने सुक्खू सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने साफ कहा कि अगर आगामी दो दिनों के भीतर चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई तो पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी।
जयराम ठाकुर ने शनिवार को शिमला में प्रेसवार्ता कर कहा कि सोमवार को भाजपा से जुड़े सभी निर्वाचित जिला परिषद सदस्य हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे और चुनाव प्रक्रिया शुरू कराने की मांग रखेंगे। इसके बावजूद प्रशासन ने कदम नहीं उठाया तो पार्टी उपायुक्त कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेगी। उनका कहना था कि धरना तब तक चलेगा जब तक चुनाव का शेड्यूल जारी नहीं हो जाता।
25 में से 13 पर भाजपा का दावा
प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा ने शिमला जिला परिषद के 13 नव-निर्वाचित सदस्यों को भी मीडिया के सामने पेश किया। जयराम ठाकुर के अनुसार कुल 25 सीटों वाली जिला परिषद में 13 सदस्य भाजपा के साथ हैं, इसलिए बहुमत उनके पास है।
उन्होंने बताया कि नतीजे आए हुए लगभग 70 दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिषद अब तक अस्तित्व में नहीं आ पाई है। पहले बैठक के लिए दो-तिहाई सदस्यों की जरूरत थी, जो न कांग्रेस और न भाजपा के पास थी। नियमों के मुताबिक अब दूसरी बैठक की तारीख तय होनी चाहिए थी, मगर प्रशासन ने अब तक कोई तिथि तय नहीं की।
प्रशासन पर पक्षपात का आरोप
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि बीते तीन दिनों से वह शिमला के उपायुक्त से मिलकर बात करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और इसी वजह से चुनाव को टाला जा रहा है। “उपायुक्त कार्यालय सत्ताधारी दल के कार्यालय की तरह चल रहा है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है,” उन्होंने कहा।
भाजपा नेता ने मांग की कि यदि किसी अधिकारी ने जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में देरी की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 31 मई तक पंचायती राज संस्थाओं के सभी पदों पर चुनाव पूरा करने के आदेश का हवाला दिया। जयराम ने कहा कि सिर्फ वोटिंग और गिनती काफी नहीं थी, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव भी तय समय में होना था। देरी को उन्होंने अदालत के निर्देशों की अवहेलना बताया।
तीन मुद्दों पर सड़क से सदन तक संघर्ष
जिला परिषद के मुद्दे के साथ भाजपा ने प्रदेश में तीन अन्य मसलों पर भी आंदोलन की तैयारी की घोषणा की। इनमें अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, बिगड़ती कानून व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों व युवाओं से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। आंदोलन विधानसभा और जिला स्तर दोनों पर चलाया जाएगा।
जयराम ने शिमला के एक अस्पताल में प्रसव के बाद 22 वर्षीय महिला की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार पिछले छह दिनों से धरने और आमरण अनशन पर है, लेकिन सरकार ने अब तक ठोस पहल नहीं की। इस बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी चर्चा की है।
राजनीतिक द्वेष का आरोप
भाजपा ने प्रदेश सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का भी आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ लगातार मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हाल ही में एक पूर्व विधायक पर केस दर्ज हुआ है और अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
अंत में भाजपा ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। तय समय में चुनाव की तारीख घोषित न होने पर पहले हाई कोर्ट और फिर धरने का रास्ता अपनाया जाएगा। पार्टी ने सरकार के खिलाफ आरोपपत्र भी जल्द जारी करने की बात कही है।