दैनिक खबरनामा। जम्मू, 8 अगस्त: जम्मू-कश्मीर में अंग और ऊतक प्रत्यारोपण की सुविधाएं लगातार विस्तारित हो रही हैं। इसी कड़ी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, विजयपुर जम्मू को अब आई बैंकिंग, कार्निया प्रत्यारोपण और नेत्र तथा कार्निया संग्रहण की सेवाएं शुरू करने की आधिकारिक अनुमति मिल गई है।
यह मंजूरी मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी गई है। लगभग दो सप्ताह पहले ही तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने एम्स विजयपुर का गहन निरीक्षण किया था। इस दल में जीएमसी जम्मू के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डॉ. अशोक शर्मा और कार्निया प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. सुरूचि गुप्ता भी शामिल थीं।
पांच साल के लिए वैध होगा प्रमाणपत्र
जारी प्रमाणपत्र अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। निरीक्षण में पाया गया कि एम्स विजयपुर ने आई बैंक और कार्निया ट्रांसप्लांट संचालन के लिए तय किए गए सभी मानकों को पूरा किया है। इसमें जरूरी ढांचा, उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता शामिल है। इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में कार्निया प्रत्यारोपण की सेवाएं और सुलभ होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और कार्नियल अंधता से जूझ रहे मरीजों को नई रोशनी मिलने की संभावना प्रबल होगी।
अंगदान अभियान को मिलेगी गति
स्टेट आर्गन और टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन, जम्मू-कश्मीर के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। संगठन लंबे समय से केंद्र शासित प्रदेश में अंग एवं ऊतक दान और प्रत्यारोपण तंत्र को मजबूत करने का काम कर रहा है। एम्स को मिली यह मान्यता उस दिशा में अहम उपलब्धि है।
जम्मू संभाग में दूसरा आई बैंक
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में आठ अस्पतालों में कार्निया प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है। इनमें पांच केंद्र कश्मीर संभाग में और तीन जम्मू संभाग में हैं। जम्मू संभाग में अभी तक राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू, स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन अस्पताल और मिलिट्री अस्पताल उधमपुर में यह सुविधा थी। एम्स के जुड़ने से जम्मू संभाग में यह चौथा केंद्र बन गया है।
आई बैंक की बात करें तो अब तक जम्मू संभाग में केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू में ही आई बैंक संचालित था। एम्स विजयपुर के साथ अब जम्मू संभाग में दूसरा आई बैंक भी शुरू हो जाएगा।