.

दैनिक खबरनामा | 9 अगस्त | भुवनेश्वर: NEET पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर बीजेपी नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से अपने इस्तीफे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उस दौरान जेन जी के युवाओं को गुमराह करने का प्रयास किया गया और उनका इस पूरे मामले में कोई व्यक्तिगत हित नहीं था।

भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में शनिवार को छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि जेन जी देश की युवा पीढ़ी है और वह भारत के भविष्य का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश की थी, जबकि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत लाभ हासिल करना नहीं था।

प्रधान ने कहा, “जेन जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मेरा कोई निजी मसला नहीं था। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए। उनकी अपनी उम्मीदें हैं और वे भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।”

उन्होंने बताया कि NEET विवाद के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। इसके बाद 25 जुलाई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

‘वापस जाओ’ के नारों पर प्रधान का पलटवार

रायराखोल में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध और ‘वापस जाओ’ के नारों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

एयरपोर्ट के पास बीजेडी के युवा एवं छात्र विंग के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा, “मैं एक किसान का बेटा हूं। अगर आप मुझे वापस जाने के लिए भी कहेंगे तो भी मैं वापस आऊंगा।”

दरअसल, एयरपोर्ट के नजदीक बीजेडी कार्यकर्ताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनके विरोध में ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए थे।

नवीन पटनायक पर लगाया युवाओं को प्रदर्शन में शामिल करने का आरोप

धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक ने उनके खिलाफ आयोजित विरोध-प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल किया। उन्होंने कहा, “नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और एक बुरा इंसान भी कहते हैं।”

प्रधान ने सवाल उठाया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा कोई कार्य किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी हो। उन्होंने कहा कि भले ही वह राज्य का नाम रोशन करने में सफल न रहे हों, लेकिन उनके किसी काम से ओडिशा की बदनामी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मैं राज्य का नाम रोशन न कर रहा होऊं, लेकिन मैंने अपने काम से कभी भी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया है। मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की बदनामी हो।”

‘जगन्नाथ और मां समलेश्वरी का आशीर्वाद’

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से वह 12 साल पहले केंद्रीय मंत्री बने थे।

नवीन पटनायक पर प्रधान की यह टिप्पणी उस कार्यक्रम के दौरान सामने आई, जहां बीजेडी विधायक और ओडिशा विधानसभा में उपनेता प्रसन्ना आचार्य भी मौजूद थे।

प्रधान ने बताया कि बीजेडी के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए उन्होंने प्रसन्ना आचार्य से कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर सलाह ली थी। उन्होंने कहा, “प्रसन्ना भाई ने मुझे आने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि मेरा स्वागत किया जाएगा। मैं उनकी इजाजत लेकर ही यहां आया हूं।”

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

नगर निगम चुनाव की तैयारी में AIMIM, जयपुर में प्रदेश कार्यकारिणी की अहम बैठक

राजस्थान 19 जनवरी (दैनिक खबरनामा) राजस्थान जयपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM)…
Share to :

बीएसएनएल जेटीओ भर्ती 2026: जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर के 100 पदों पर आवेदन 4 जून से, सैलरी 40 हजार से अधिक

दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 3 जून : सरकारी नौकरी की तैयारी कर…
Share to :

अजित पवार की विमान हादसे में मौत पर संजय राउत का बड़ा दावा,कहा यह सामान्य दुर्घटना नहीं,पर्दे के पीछे कुछ और है

महाराष्ट्र 2 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा) महाराष्ट्र एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित…
Share to :

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विनायक गोपाल कृष्ण चेरिटेबल ट्रस्ट ने डीग चिकित्सालय में किया फल वितरण

राजस्थान 24 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) राजस्थान के डींग में रविवार को…
Share to :