दैनिक खबरनामा | 9 अगस्त | श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को एक बार फिर आतंकी धमकी मिलने का मामला सामने आया है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया जा रहा टेरर ग्रुप यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) के नाम से एक धमकी भरा नोट सामने आया है। इसमें 6 सरकारी कर्मचारियों के नाम और उनके फोन नंबर दर्ज हैं। नोट के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, ULC को लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध एक शैडो फ्रंट संगठन माना जाता है। कथित धमकी में कहा गया है कि यदि आतंकियों के समर्थकों या उनके सहयोगियों की संपत्तियों को अटैच या जब्त किया गया, तो सुरक्षा बलों और प्रशासन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग पर नजर रखने का दावा
धमकी भरे नोट में दावा किया गया है कि संगठन सरकारी विभागों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। इनमें विशेष रूप से राजस्व विभाग का उल्लेख किया गया है। सरकारी पैकेज के तहत नियुक्त कई कश्मीरी पंडित कर्मचारी इसी विभाग में कार्यरत हैं।
नोट में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे घाटी छोड़कर जम्मू चले जाते हैं, तब भी वे संगठन की पहुंच से बाहर नहीं होंगे। कथित तौर पर उन्हें जम्मू-कश्मीर के बाहर भी पीछा किए जाने की धमकी दी गई है।
पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाने की चेतावनी
कथित थ्रेट नोट में सुरक्षा कर्मचारियों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। इसमें दावा किया गया है कि पुलिस बल में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हैं, जो अपने समुदाय के बीच रहते और घुलते-मिलते हैं। संगठन ने कथित तौर पर चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों को कहीं भी और कभी भी निशाना बनाया जा सकता है।
नोट में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के परिवार और उनके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी होने का भी दावा किया गया है। साथ ही कहा गया है कि जम्मू में स्थानांतरित होने के बाद भी वे सुरक्षित नहीं रहेंगे और जरूरत पड़ने पर संगठन वहां तक उनका पीछा कर सकता है। ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था को लेकर भी कथित तौर पर चेतावनी दी गई है।
कर्मचारियों की निजी जानकारी सार्वजनिक करने का दावा
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, धमकी भरे नोट में कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने का उद्देश्य उन्हें सार्वजनिक रूप से एक्सपोज करना और संभावित लक्षित हमलों के लिए उनकी पहचान उजागर करना हो सकता है।
नोट में जिन 6 लोगों के नाम और फोन नंबर शामिल हैं, उन्हें सरकारी कर्मचारी और कश्मीरी पंडित बताया जा रहा है।
7 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज
यह धमकी भरा पत्र यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) की ओर से जारी किए जाने का दावा किया गया है। पत्र पर 7 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज है।
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले फरवरी 2026 में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की ओर से भी कश्मीरी पंडितों को धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी।
हालिया लक्षित हत्याओं के बीच सामने आया मामला
ताजा धमकी ऐसे वक्त सामने आई है, जब हाल ही में दो गैर-स्थानीय मजदूरों और एक पुलिस कांस्टेबल की लक्षित हत्या की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आए ULC के कथित धमकी भरे नोट को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।
फिलहाल एजेंसियां नोट की विश्वसनीयता, इसके स्रोत और इसके पीछे सक्रिय लोगों की जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि नोट वास्तव में किसी आतंकी संगठन से जुड़ा है या इसका इस्तेमाल भय का माहौल पैदा करने के लिए किया गया है।