लद्दाख 4 जनवरी( दैनिक खबरनामा)समुद्र तल से करीब 3,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित द्रास, श्रीनगर–लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है और इसे लद्दाख का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यह स्थान भारत के सबसे ठंडे आबाद इलाकों में शामिल है, जहां सर्दियां नवंबर से मार्च तक बेहद कठोर रहती हैं और तापमान शून्य से काफी नीचे चला जाता है।सर्दियों के चरम समय में द्रास का औसत तापमान आमतौर पर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस से माइनस 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है। वर्ष 1995 में यहां कथित तौर पर माइनस 60 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जिसने द्रास को साइबेरिया जैसे अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों की श्रेणी में ला खड़ा किया।मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस तरह का भीषण तापमान आमतौर पर ध्रुवीय और उप-ध्रुवीय क्षेत्रों में ही देखने को मिलता है। ऐसे में भारत का यह छोटा सा कस्बा एक दुर्लभ और असामान्य उदाहरण माना जाता है। अत्यधिक ठंड के कारण यहां दैनिक जीवन काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। शीतदंश (फ्रॉस्टबाइट) का खतरा बना रहता है, सड़कें जम जाती हैं और पानी की आपूर्ति भी अक्सर बाधित हो जाती है।कठिन परिस्थितियों के बावजूद द्रास के लोग हर साल इन सर्दियों का सामना साहस और धैर्य के साथ करते हैं, जो इस क्षेत्र की जिजीविषा और मजबूत जीवनशैली को दर्शाता है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

गोवा नाइट क्लब हादसा: अभियुक्त लूथरा ब्रदर्स को थाईलैंड से भारत लाया गया

गोवा नाइट क्लब हादसा: अभियुक्त लूथरा ब्रदर्स को थाईलैंड से भारत लाया…
Share to :

द्वारकाधीश के दर्शन कर भावविभोर हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

द्वारका 8 जनवरी (दैनिक खबरनामा) द्वारकाकेंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह…
Share to :

सिख संस्थानों के ‘अपमान’ के आरोप में अकाल तख्त ने पंजाब CM भगवंत मान को किया तलब, 15 जनवरी को नंगे पांव होंगे पेश

तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत…
Share to :

करौली पीएम श्री योजना के अंतर्गत मिलिट्री स्कूल धौलपुर का शैक्षिक भ्रमण

करौली 7 जनवरी(दैनिक खबरनामा) धौलपुर पीएम श्री योजना के अंतर्गत पीएम श्री…
Share to :