- ‘दैनिक खबरनामा | 17 अगस्त | नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बाद अब ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम से बने एक अकाउंट ने लोगों का ध्यान खींचा है। दावा किया जा रहा है कि अकाउंट ने महज 24 घंटे में 1.7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हासिल कर लिए। हालांकि, इसे संचालित करने वाले व्यक्ति या संगठन के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इंस्टाग्राम पर दर्ज विवरण के अनुसार, यह अकाउंट इसी महीने बनाया गया था। इसके रिकॉर्ड में यूजरनेम बदले जाने की जानकारी भी दिखाई देती है। अब तक अकाउंट पर करीब 63 पोस्ट प्रकाशित की जा चुकी हैं, जबकि यह लगभग 35 अकाउंट्स को फॉलो करता है। कम समय में फॉलोअर्स की संख्या में हुई तेज वृद्धि ने इसे सोशल मीडिया चर्चा का विषय बना दिया है।
पीएम मोदी के संबोधन के बाद चर्चा में आया ‘दिमागी नक्सल’
इस नाम को लेकर चर्चा उस समय तेज हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिए अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जंगलों में हथियार लेकर सक्रिय नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अब भी मौजूद हैं।
उन्होंने आरोप लगाया था कि ऐसे लोग हिंसा के नए तौर-तरीके खोज रहे हैं और देश को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें समाज से अलग-थलग करने की आवश्यकता पर भी बल दिया था।
किरेन रिजिजू ने भी समझाया था शब्द का अर्थ
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर अपनी व्याख्या साझा की थी। उनके मुताबिक, यह शब्द ऐसे लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया है जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को स्वीकार नहीं करते या अलगाववादी गतिविधियों का समर्थन करते हैं।
रिजिजू ने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के समर्थन और पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से अलग करने की कथित साजिश जैसे विषयों का भी उल्लेख किया था।
कौन चला रहा है अकाउंट, अभी स्थिति साफ नहीं
‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम से अकाउंट सामने आने के बाद इसकी लोकप्रियता को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, अभी यह स्थापित नहीं हुआ है कि इसके पीछे कोई व्यक्ति है, कोई संगठन है, व्यंग्यात्मक अभियान है या फिर किसी तरह की संगठित सोशल मीडिया गतिविधि।
अकाउंट चलाने वाले की वास्तविक पहचान और इसके पीछे की मंशा की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल कम समय में फॉलोअर्स की संख्या में हुई कथित तेज वृद्धि ही इस अकाउंट को सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में बनाए हुए है।