दैनिक खबरनामा। जम्मू, 02 नवंबर: दरबार मूव के साथ ही सोमवार को जम्मू शहर की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था की असली परीक्षा शुरू हो गई, लेकिन पहले दिन ही ट्रैफिक पुलिस की तैयारी और दावे हकीकत के सामने फेल नजर आए। सुबह सिविल सचिवालय खुलने के समय से ही शहर के मुख्य रास्तों पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गईं। देखते ही देखते हालात ऐसे बने कि कई सड़कों पर वाहन रेंग-रेंग कर चलने लगे।
लोगों को अपने काम पर पहुंचने में रोजमर्रा के मुकाबले कहीं ज्यादा समय लगा। दरबार मूव के कारण जम्मू में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, मंत्रियों और नौकरशाहों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। इससे शहर में वाहनों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि ट्रैफिक संभालने के लिए चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात दिखे, लेकिन वाहनों के भारी दबाव के आगे उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं।
आम जनता होती रही परेशान
कई जगहों पर ट्रैफिक कर्मी जाम खोलने के लिए जद्दोजहद करते रहे, लेकिन जाम का दबाव कम नहीं हुआ।
इस दौरान मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों के सायरन से सड़कें गूंजती रहीं। सरकारी काफिलों को रास्ता देने के चक्कर में आम वाहन चालकों को और अधिक इंतजार करना पड़ा।
सबसे ज्यादा दिक्कत दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को हुई। कई लोग तय समय पर अपने कार्यालय और जरूरी कामों पर नहीं पहुंच सके। शहरवासियों का कहना है कि जब पहले ही दिन यह हाल है तो आने वाले दिनों में जब दबाव और बढ़ेगा, तो स्थिति क्या होगी।
सुबह से ही मुख्य चौराहों पर जाम की स्थिति
दरबार मूव के पहले दिन सोमवार को जम्मू के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर जाम लगा रहा। सुबह सिविल सचिवालय खुलते ही बिक्रम चौक, डोगरा चौक, इंदिरा चौक, रेजीडेंसी रोड, जानीपुर चौक, अंबफला चौक और बीसी रोड पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
इन सड़कों पर कुछ दूरी तय करने में भी वाहन चालकों को काफी वक्त लग गया। इसके अलावा शहर के अन्य संपर्क मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बना रहा।
बिक्रम चौक से डोगरा चौक तक रेंगते रहे वाहन
बिक्रम चौक और डोगरा चौक जैसे व्यस्त रास्तों पर आवाजाही बाधित होने से आसपास के इलाकों में भी जाम का असर दिखा। इंदिरा चौक और रेजीडेंसी रोड पर भी गाड़ियां धीरे-धीरे चलती रहीं। जानीपुर और अंबफला चौक पर भी लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
बीसी रोड पर सरकारी और निजी वाहनों की भीड़ के बीच ट्रैफिक व्यवस्था को संभालना बड़ी चुनौती बना रहा। सुबह से बने जाम ने आम लोगों की दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया।