दैनिक खबरनामा। श्रीनगर, 02 नवंबर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान की शादी इन दिनों सुर्खियों में है। शादी के बाद सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक शानदार रिसेप्शन पार्टी भी दी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं और फैंस नवविवाहित जोड़े पर प्यार बरसा रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि पति-पत्नी में ज्यादा अमीर कौन है?
उमर अब्दुल्ला के पास कोई अचल संपत्ति नहीं
नेटवर्थ की बात करें तो सीएम उमर अब्दुल्ला के पास 55 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे में उमर अब्दुल्ला ने अपनी कुल संपत्ति 55.24 लाख रुपये बताई थी।
हलफनामे में उन्होंने 95 हजार रुपये नकद और 23.50 लाख रुपये की एफडी होने की जानकारी भी दी है। इसके अलावा 30 लाख रुपये के आभूषणों का भी उल्लेख किया गया है। खास बात यह है कि उनके नाम पर कोई अचल संपत्ति नहीं है।
करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं निधि राजदान
वहीं The CEO Magazine की प्रोफाइल रिपोर्ट के मुताबिक, निधि राजदान की अनुमानित नेटवर्थ करीब 40 से 42 करोड़ रुपये आंकी गई है। कई मीडिया और बायोग्राफी वेबसाइट्स भी उनकी कुल संपत्ति का अनुमान 40 से 45 करोड़ रुपये के बीच बता रही हैं।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि बतौर एंकर उनकी सालाना कमाई करीब 10 करोड़ रुपये है। एक दौर में वह देश की सबसे महंगी टीवी एंकरों में गिनी जाती थीं। हालांकि, यह निधि राजदान की अनुमानित संपत्ति है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
फारूक अब्दुल्ला के पास कितनी दौलत?
उमर अब्दुल्ला के पिता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की कुल संपत्ति 12 करोड़ रुपये से अधिक है। लोकसभा चुनाव 2019 में दाखिल हलफनामे के अनुसार, उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 12.19 करोड़ रुपये बताई थी।
उनकी कुल संपत्ति में 1.59 करोड़ रुपये की चल संपत्ति शामिल है, जबकि बड़ा हिस्सा 10.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का है।
लाल साड़ी में दिखीं निधि राजदान
रिसेप्शन पार्टी में निधि राजदान लाल साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आईं, वहीं सीएम उमर बंद गले वाले क्लासिक सूट में आकर्षक लग रहे थे। दोनों ने कई रोमांटिक पोज में फोटोशूट भी करवाया। निधि की सादगी ने फैंस का दिल जीत लिया।
2021 में निधि के साथ हुआ था फ्रॉड
गौरतलब है कि निधि राजदान के साथ जनवरी 2021 में धोखाधड़ी हुई थी। उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता पढ़ाने का ऑफर मिला था, जिसके बाद उन्होंने एनडीटीवी से इस्तीफा दे दिया था। बाद में हार्वर्ड ने ऐसी किसी भी नियुक्ति से इनकार कर दिया। जांच में पता चला कि यह एक ऑनलाइन स्कैम था।