चंडीगढ़ 7 जनवरी (जगदीश कुमार )पंजाब विश्वविद्यालय (पंजाब यूनिवर्सिटी) को लंबे समय से लंबित हॉस्टल परियोजनाओं के लिए आखिरकार फंड की पहली किस्त मिल गई है। पंजाब सरकार ने कुल स्वीकृत राशि 48.92 करोड़ रुपये में से लगभग 10 प्रतिशत, यानी करीब 5 करोड़ रुपये, “मोबिलाइजेशन एडवांस” के तौर पर जारी किए हैं। यह जानकारी कुलपति प्रो. रेणु विग ने सोमवार को दी।यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के तहत जारी की गई है और इसे इसी वित्तीय वर्ष के भीतर खर्च करना अनिवार्य होगा। जारी रकम में से करीब 2.5 करोड़ रुपये बॉयज़ हॉस्टल नंबर-9 के निर्माण और 2.5 करोड़ रुपये गर्ल्स हॉस्टल नंबर-11 की अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण के लिए निर्धारित किए गए हैं।
कुलपति प्रो. रेणु विग ने कहा,“हमें हॉस्टल ग्रांट का एक हिस्सा प्राप्त हुआ है। यह कुल स्वीकृत राशि का लगभग 10 प्रतिशत है। चूंकि यह चालू वित्त वर्ष के अंतर्गत जारी हुआ है, इसलिए इसे इसी वर्ष खर्च करना होगा।”मुख्यमंत्री के बयान के बाद फैली थी असमंजस की स्थितियह राशि ऐसे समय जारी हुई है, जब नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक वीडियो बयान के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। मुख्यमंत्री ने उस समय दावा किया था कि पंजाब यूनिवर्सिटी में गर्ल्स हॉस्टल के लिए हाल ही में फंड स्वीकृत किया गया है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया था कि उस बयान के बाद न तो कोई नया पत्र मिला और न ही कोई राशि ट्रांसफर हुई।2023 में स्वीकृति, लेकिन एक साल तक पैसा नहीं
हॉस्टल परियोजनाओं की स्वीकृति वर्ष 2023 में ही मिल गई थी।
24 अगस्त 2023 को पंजाब के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर बॉयज़ हॉस्टल नंबर-9 के लिए 25.91 करोड़ रुपये,गर्ल्स हॉस्टल नंबर-11 की दूसरी से छठी मंजिल के निर्माण के लिए 23.00 करोड़ रुपयेस्वीकृत किए थे। इसके बावजूद एक साल से अधिक समय तक कोई राशि जारी नहीं हुई, जिससे दोनों परियोजनाएं ठप पड़ी रहीं।सीमित काम ही हो सकेगाअब मिली आंशिक राशि से विश्वविद्यालय सीमित स्तर पर काम शुरू कर पाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह रकम बड़े स्तर के निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त नहीं है। वर्तमान में गर्ल्स हॉस्टल नंबर-11 की केवल दो मंजिलें ही उपयोग में हैं, जबकि बॉयज़ हॉस्टल नंबर-9 का निर्माण अब तक अधूरा है।प्रो. विग ने कहा कि विश्वविद्यालय उपलब्ध राशि का सर्वोत्तम उपयोग करने की योजना बना रहा है, लेकिन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अगली किश्तें बेहद जरूरी होंगी।अन्य लंबित देनदारियों से भी जूझ रहा है PU
हॉस्टल फंड के अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी पर वित्तीय दबाव बना हुआ है। बीते एक साल में विश्वविद्यालय ने पंजाब सरकार को कई पत्र लिखकर लंबित भुगतान जारी करने की मांग की है।