नई दिल्ली 21 जनवरी ( दैनिक खबरनामा ) नई दिल्ली।केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने सोमवार (19 जनवरी, 2026) को कहा कि बल में समाहित किए जाने वाले पूर्व अग्निवीरों को कौन-सी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, इसे तय करने के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया गया है।उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ अग्निवीरों के लिए आरक्षण प्रतिशत और आरक्षण की प्रकृति—क्षैतिज होगी या ऊर्ध्वाधर—को लेकर गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहा है।गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ भर्ती योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं को चार वर्ष के लिए अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। इनमें से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल बाद स्थायी रूप से सेवाओं में बनाए रखा जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत सेवा से मुक्त हो जाते हैं।इसके बाद गृह मंत्रालय ने घोषणा की थी कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में कुल रिक्तियों के 10 प्रतिशत पद चार साल की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों के लिए आरक्षित किए जाएंगे। आने वाले महीनों में अग्निवीरों का पहला बैच सेवा से बाहर होने वाला है।आरक्षण बढ़ाने का फैसला‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय ने सभी CAPFs के ग्रुप-सी पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 19 दिसंबर 2025 को गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 50 प्रतिशत रिक्त कांस्टेबल पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित करने की अधिसूचना जारी की थी।सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि मंत्रालय ने अग्निवीरों को बल में समाहित करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, “हम उनकी भर्ती और तैनाती की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। उन्हें बंदरगाह सुरक्षा में लगाया जा सकता है। नौसेना से जुड़े अग्निवीर समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा और समिति सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है।”तटीय साइक्लोथॉन से सुरक्षा जागरूकता‘वंदे मातरम् कोस्टल साइक्लोथॉन 2026’ के बारे में जानकारी देते हुए महानिदेशक ने कहा कि भारत के समुद्री तट काफी हद तक संवेदनशील हैं। तटीय समुदायों तक पहुंच बनाना बेहद जरूरी है, ताकि उनसे सूचनाएं प्राप्त कर राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।भारत में कुल 250 समुद्री बंदरगाह हैं। सीआईएसएफ को 12 प्रमुख बंदरगाहों सहित अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

युवा नेतृत्व और विकास के मुद्दों पर मंथन भूपेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस महासचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज से की मुलाक़ात

राजस्थान 19 जनवरी (दैनिक खबरनामा) राजस्थान जयपुर। युवा नेता भूपेंद्र सिंह शेखावत…
Share to :

IPS मीट का आज समापन, मनोरंजन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

मध्य प्रदेश 17 जनवरी (दैनिक खबरनामा) मध्य प्रदेश भोपाल , राजधानी भोपाल…
Share to :

हिमाचल प्रदेश सैलानियों की बर्फीले नए साल के लिए उमड़ी भीड़

शिमला 31 दिसंबर (दैनिक खबरनामा )नए साल के जश्न को खास बनाने…
Share to :

देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, आज से शुरू लंबी दूरी की हाईटेक यात्रा

नई दिल्ली 17 जनवरी (दैनिक खबरनामा) नई दिल्ली देश को मिली पहली…
Share to :