उत्तर प्रदेश 23 जनवरी (दैनिक खबरनामा) हापुड़, उत्तर प्रदेश
नगर के अधिकांश प्रमुख मार्गों पर फैले अतिक्रमण ने हापुड़ शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। हालात यह हैं कि सुबह से लेकर शाम तक शहर के मुख्य बाजारों और सड़कों पर भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अतिक्रमण को लेकर नागरिकों द्वारा लगातार संबंधित अधिकारियों और नगर पालिका प्रशासन से शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन लंबे समय तक इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। मंगलवार को जब इस मुद्दे को लेकर एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र में खबर प्रकाशित हुई, तब जाकर प्रशासन की नींद खुली और आनन-फानन में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की घोषणा की गई।समाचार प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को नगर पालिका की टीम ने तहसील चौपले से लेकर पक्का बाग चौराहे तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार नितिन सिंह, पुलिस विभाग की ओर से कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय तथा नगर पालिका से राजस्व निरीक्षक सुनील सिंह टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई के लिए बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी साथ में रखी गई थी, ताकि अवैध अतिक्रमण हटाकर जब्त किया जा सके।हालांकि, कार्रवाई के नाम पर प्रशासन की ओर से केवल औपचारिकता निभाई गई। अतिक्रमण हटाने के बजाय अधिकांश दुकानदारों और ठेले वालों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पूरे अभियान के दौरान महज चार हजार रुपये का जुर्माना वसूल कर नगर पालिका की टीम वापस लौट गई,जबकि शहर में अतिक्रमण की स्थिति जस की तस बनी हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर होता, तो शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती थी। लेकिन एक बार फिर कार्रवाई अधूरी रह जाने से लोगों में नाराजगी है।नागरिकों ने मांग की है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान को केवल कागजी कार्रवाई न बनाकर, स्थायी और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि हापुड़ शहर को जाम और अव्यवस्था से निजात मिल सके।