चंडीगढ़ 24 जनवरी 2026 (जगदीश कुमार)पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए‘मुख्यमंत्री सेहत योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। खास बात यह है कि इस योजना में न आय की कोई सीमा है और न ही किसी वर्ग को बाहर रखा गया है।
सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य के करीब 65 लाख परिवारों, यानी लगभग 3 करोड़ लोगों को सीधे लाभ पहुंचाएगी। इसके साथ ही पंजाब देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां यूनिवर्सल हेल्थ केयर कवरेज लागू किया गया है।क्या है मुख्यमंत्री सेहत योजना?मुख्यमंत्री सेहत योजना एक राज्य स्तरीय यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है, जिसके तहत हर पात्र परिवार को ₹10 लाख प्रति वर्ष तक का नकद रहित (Cashless) इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह राशि सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों दोनों में मान्य होगी।इस योजना ने पहले से चल रही ₹5 लाख की स्वास्थ्य बीमा सीमा को दोगुना कर दिया है।
कौन-कौन होगा योजना के दायरे में?
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी प्रकृति है। पंजाब के सभी बोनाफाइड निवासी आधार कार्ड और वोटर आईडी रखने वाले परिवार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे (माता-पिता के दस्तावेजों के आधार पर) राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स संविदा, आउटसोर्सिंग, कंसल्टेंसी पर कार्यरत कर्मचारी किसी भी प्रकार की आय सीमा लागू नहीं है।इलाज की सुविधाएं और अस्पतालयोजना के तहत 2,300 से अधिक मेडिकल ट्रीटमेंट पैकेज शामिल हैं 823 से ज्यादा सरकारी और निजी अस्पताल योजना से जुड़े हार्ट सर्जरी, कैंसर इलाज, किडनी ट्रांसप्लांट, न्यूरो सर्जरी जैसी महंगी प्रक्रियाएं भी शामिल मरीजों को अस्पताल में भर्ती से लेकर इलाज तक एक भी रुपया जेब से नहीं देना होगा
₹12,000 करोड़ का बजट, स्वास्थ्य पर बड़ा दांव
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए लगभग ₹12,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। सरकार का कहना है कि यह खर्च नहीं, बल्कि लोगों की सेहत में निवेश है।
AAP सरकार का मानना है कि महंगे इलाज के कारण कोई भी परिवार कर्ज में न डूबे और न ही किसी को इलाज के अभाव में जान गंवानी पड़े।सरकार का दावा: देश के लिए मॉडल बनेगी योजना सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना को देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा।