चंडीगढ़ 4 जनवरी 2026 ( जगदीश कुमार ) चंडीगढ़। सड़क हादसों में लगातार बढ़ रही मौतों को लेकर अब जिम्मेदारी सिर्फ वाहन चालक की गलती तक सीमित नहीं मानी जा रही। इसी सोच को मजबूत करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब सरकार के सहयोग से ‘सुरक्षित प्रणाली दृष्टिकोण’ यानी सेफ सिस्टम अप्रोच पर एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को लेकर नई रणनीति अपनाना था, जिसमें दुर्घटनाओं को केवल मानवीय भूल मानने की बजाय पूरे सिस्टम की जिम्मेदारी के रूप में देखा जाए। अधिकारियों ने बताया कि कई बार तेज रफ्तार या शराब जैसी वजहें न होने के बावजूद भी हादसे जानलेवा साबित हो जाते हैं, जिसका कारण सड़क डिज़ाइन, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की कमी भी हो सकती है।इस कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ और संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़क निर्माण, साइन बोर्ड, सुरक्षा बैरियर, स्पीड कंट्रोल और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाना बेहद जरूरी है।NHAI अधिकारियों ने कहा कि सेफ सिस्टम अप्रोच का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यदि गलती हो भी जाए तो वह गलती किसी की जान न ले सके। कार्यशाला के माध्यम से पंजाब में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।