मध्य प्रदेश 29 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) मध्य प्रदेश के सतना जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर और सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से सतना जिला प्रशासन और बस यूनियन के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला कलेक्ट्रेट सभागार, सतना में संपन्न हुई, जिसमें प्रशासन और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सतीश कुमार एस ने की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) संजय श्रीवास्तव, एसडीएम राहुल सिलाडिया एवं डिप्टी कमिश्नर सत्यम मिश्रा भी मौजूद रहे। बस यूनियन के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।बैठक में बस संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बस यूनियन की ओर से रूट परमिट, समय-सारिणी, पार्किंग व्यवस्था, यात्री सुविधाएं, तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रशासन के समक्ष रखे गए। वहीं प्रशासन ने यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।कलेक्टर सतीश कुमार एस ने कहा कि प्रशासन और बस यूनियन के बीच बेहतर समन्वय से न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आम जनता को भी सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने सभी पक्षों से नियमों का पालन करने और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की।पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के सख्त पालन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। आरटीओ संजय श्रीवास्तव ने परिवहन से संबंधित नियमों की जानकारी देते हुए बस संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक के अंत में प्रशासन और बस यूनियन के बीच आपसी संवाद बनाए रखने और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए नियमित बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी।
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सीधी | 29 दिसंबर | अमित मिश्रा सीधी जिले के मझौली क्षेत्र अंतर्गत पांढ, ताला एवं मझौली धान खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जबकि जिला कलेक्टर सीधी द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और कई स्थानों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है, इसके बावजूद कुछ प्रभारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मझौली खरीदी केंद्र स्थित पांढ व ताला क्षेत्र का है, जहां उपार्जन केंद्र प्रभारी नियमों को ताक पर रखकर धान खरीदी कर रहे हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी को न तो किसी अधिकारी का डर है और न ही किसी कार्रवाई की परवाह। पूर्व में अधिकारियों द्वारा खरीदी केंद्र का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित 41 किलो की जगह 41 किलो 200 ग्राम तक धान भरवाया जा रहा है। इतना ही नहीं, नियमों के विपरीत धान की तौल और बोरा भराई का कार्य किसान स्वयं करने को मजबूर हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अतिरिक्त धान भरवाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन मजबूरी में वे इस व्यवस्था को सहन कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों और पूर्व निरीक्षण के बावजूद आखिर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी उपार्जन केंद्र प्रभारियों पर कब सख्त कार्रवाई करता है।
- Vishal
- December 29, 2025