नई दिल्ली 6 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा ) नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद शुक्रवार को गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीतिगत फैसलों की घोषणा की। यह समीक्षा केंद्रीय बजट 2026 और हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद पहली पॉलिसी बैठक थी, जिस पर बाजार और आर्थिक जगत की नजरें टिकी थीं।
आरबीआई ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखा है। साथ ही, मौद्रिक नीति का रुख ‘तटस्थ’ बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। गवर्नर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और मुद्रास्फीति तथा विकास का परिदृश्य सकारात्मक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की नीति संशोधित श्रृंखला पर आधारित नए मुद्रास्फीति आंकड़ों के अनुसार तय होगी।गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि कॉरपोरेट प्रदर्शन में सुधार और अनौपचारिक क्षेत्र की निरंतर गति से विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। मांग के मोर्चे पर ग्रामीण मांग स्थिर है, जबकि शहरी खपत में वृद्धि की संभावना जताई गई है।
आरबीआई ने आगामी वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए विकास अनुमान बढ़ाते हुए 6.9% और 7% रहने की उम्मीद जताई है। महंगाई के लिए चालू वित्त वर्ष में 2.1% और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 4% तथा दूसरी तिमाही में 4.2% का अनुमान दिया गया है।गवर्नर ने कहा कि जनवरी के अंत तक विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर है और चालू खाता घाटा भी मध्यम रहने की उम्मीद है।